भागलपुर: टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज ने दिवाली पर मनाया 'स्नेह मिलन', नशे के खिलाफ लिया संकल्प

भागलपुर के टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज ने दिवाली पर 'स्नेह मिलन' कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को नशे से दूर रहने और विकसित भारत बनाने का संकल्प दिलाया।

Ishita Kumari7 November 20262 min read0 viewsDevelopment and good news
भागलपुर: टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज ने दिवाली पर मनाया 'स्नेह मिलन', नशे के खिलाफ लिया संकल्प

बिहार के भागलपुर स्थित एक टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में इस बार दिवाली की रोशनी सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने समाज को जागरूक करने का काम किया। कॉलेज प्रशासन ने 'नशा मुक्त युवा for विकसित भारत - 100 सप्ताह संकल्प अभियान' के तहत एक विशेष 'स्नेह मिलन' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रखना और एक स्वस्थ समाज के जरिए देश के विकास में योगदान देना था।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें केवल कॉलेज के छात्र और शिक्षक ही नहीं, बल्कि पास के मिराचक गांव के ग्रामीणों को भी शामिल किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीणों के स्वागत और पंजीकरण के साथ हुई, जिसके बाद कॉलेज प्रबंधन, शिक्षकों और ग्रामीणों ने मिलकर दीप जलाए। इस मौके पर सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से यह शपथ ली कि वे न केवल खुद नशे से दूर रहेंगे, बल्कि समाज से इस बुराई को मिटाने और राष्ट्र निर्माण में अपना पूरा सहयोग देंगे।

युवाओं की दिशा तय करेगी 'विकसित भारत' की नींव

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इस अवसर पर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. साकेत बिहारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही किसी भी देश की रीढ़ होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हमारी युवा पीढ़ी नशे से मुक्त और सही दिशा में अग्रसर होगी, तभी 'विकसित भारत' का सपना साकार हो पाएगा। यह 100 सप्ताह का अभियान भविष्य के शिक्षकों को इस तरह प्रशिक्षित करने के लिए चलाया जा रहा है कि वे खुद नशे से दूर रहें और आने वाली पीढ़ी को इसके घातक परिणामों के प्रति जागरूक कर सकें।

कार्यक्रम में कॉलेज की अध्यक्षा प्रियंका कुमारी, बी.एड विभाग की प्रमुख अनामिका कुमारी और डी.एल.एड विभाग की प्रमुख डॉ. नाज़ बानो सहित डॉ. अमित कुमार दास, हरिवंश प्रसाद सिंह, मिथिलेश कुमार, डॉ. जयंत कुमार चंद, पवन कुमार, डॉ. शिल्पी कुमारी और सोनी कुमारी जैसे कई शिक्षक मौजूद रहे। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी सिर्फ किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़कर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।

मिराचक गांव के निवासियों को कॉलेज के उत्सव में शामिल करने के इस कदम की पूरे भागलपुर में काफी सराहना हो रही है। इसे सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने वाला एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है, जो युवाओं को गलत रास्तों से बचाकर सही मार्गदर्शन देने में मील का पत्थर साबित होगा।

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