भागलपुर जिला कांग्रेस कमेटी के सचिव सुजीत कुमार झा ने मायागंज अस्पताल के अधीक्षक को एक औपचारिक चेतावनी जारी की है। 3 सितंबर 2026 को अधीक्षक को लिखे गए पत्र में उन्होंने घोषणा की है कि यदि घटिया इलाज के कारण आगे भी मरीजों की मौत होती है, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे और अस्पताल के कामकाज में तुरंत सुधार की मांग की है।
यह चेतावनी जेएलएनएमसीएच (मायागंज अस्पताल) में लापरवाही और मरीजों की मौत के कई आरोपों के बाद आई है। 30 अगस्त 2026 को एक मृतक युवक के परिजनों ने अस्पताल में प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि एक डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद 31 अगस्त से 2 सितंबर 2026 के बीच कई मौतें हुईं, जिससे लोगों में काफी गुस्सा है।
31 अगस्त 2026 को सड़क हादसे के शिकार मिथिलेश पासवान की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी विभाग के एक डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। परिजनों का दावा था कि इलाज करने के बजाय उन्हें गलत तरीके से रेफर किया गया था। 1 सितंबर 2026 को खबर आई कि 48 घंटे के भीतर तीन मौतें हुईं, और रिश्तेदारों ने स्टाफ के गलत बर्ताव तथा रात की पाली में सीनियर डॉक्टरों के न होने का आरोप लगाया।
इसके अलावा, 2 सितंबर 2026 को 24 साल की गर्भवती मरीज काजल कुमारी की मौत के बाद परिजनों ने प्रदर्शन किया। उनके रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के बजाय ट्रेनी डॉक्टर ने किया, जिससे अत्यधिक खून बहा और मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने उनकी शिकायत दर्ज करने में बाधा डाली।