भागलपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: दहेज हत्या में पति को 10 साल की सजा

भागलपुर कोर्ट में कई मामलों में अहम फैसले सुनाए गए हैं। एडीजे-16 संदीप सिंह की अदालत ने सोमवार को दहेज हत्या के मामले में एक पति को दोषी करार दिया। इसके अलावा बच्चा चोरी और हत्या के दो अन्य मामलों में भी अदालत ने फैसला सुनाया है। इसमें सरकारी वकील और पुलिस की तरफ से कई अहम खुलासे किए गए हैं।
दहेज हत्या में पति को 10 साल की सजा
सोमवार को एडीजे-16 संदीप सिंह की अदालत ने संजीव कुमार तिवारी को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 2020 का है जब उनकी पत्नी जाह्नवी की दहेज के लिए हत्या कर दी गई थी। सरकारी एपीपी विक्रम कुमार सिंह ने बताया कि मृतका के पिता मनीष पाठक ने मामला दर्ज कराया था। उनकी बेटी की शादी 24 नवंबर 2016 को तिवारी से हुई थी और चार पहिया वाहन की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाता था। पीड़िता, जिसकी एक बेटी थी, की हत्या 17 मई 2020 को कर दी गई थी। अदालत ने सबूत के अभाव में मृतका के ससुर और ननद को बरी कर दिया।
बाल अपहृत मामले में दो महिलाएं दोषी करार
करीब सात साल पुराने भागलपुर रेलवे स्टेशन से बच्चा चोरी के एक अलग मामले में, एडीजे-16 की अदालत ने दो महिलाओं, कल्पना और सारिका देवी को दोषी ठहराया है। एपीपी प्रफुल्ल चंद्र राही ने बताया कि शुरुआती शिकायत मायागंज, बरारी के एक निवासी ने दर्ज कराई थी। जबकि सारिका देवी ने शुरुआत में खुद को मुजफ्फरपुर का बताया था, बाद में यह स्थापित हुआ कि वह और सह-अभियुक्त कल्पना दोनों मुंगेर के तारापुर की रहने वाली हैं। अदालत 27 अक्टूबर को सजा पर बहस सुनेगी।
दो साल पुराने हत्या मामले में तीन दोषी
इसके अलावा, दूसरे जिला और अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने बखरपुर थाना क्षेत्र में दो साल पहले हुई हत्या के मामले में तीन लोगों—जिच्छो पासवान, अरविंद कुमार (उर्फ अरविंद कुमार पासवान) और उमेश पासवान—को दोषी ठहराया है। एपीपी राजेश कुमार सिंह ने पुष्टि की कि इन तीनों दोषियों की सजा को लेकर सुनवाई 14 अक्टूबर को तय की गई है।