भागलपुर के बिहपुर प्रखंड में नरकटिया-नन्हकर बांध पर पांच अलग-अलग जगहों पर पानी का रिसाव देखा गया। यह घटना 6 सितंबर 2026 की है और रिसाव चूहों के बिल बनाने के कारण हुआ था। इलाके में तैनात बाढ़ मुकाबला टीम ने तुरंत कार्रवाई की और बोरी का इस्तेमाल करके इन कमजोर हिस्सों को बंद कर दिया, जिससे कड़ी मेहनत के बाद रिसाव पर फिलहाल काबू पा लिया गया।
यह घटना गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर बढ़ी हुई चिंताओं के बीच हुई है।
5 सितंबर 2026 को भागलपुर में नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई थी। आगे के आंकड़ों से पता चलता है कि 6 सितंबर 2026 तक गंगा गांधी घाट पर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जिससे जल संसाधन विभाग को पूरे बिहार में तटबंधों की निगरानी बढ़ानी पड़ी।
मौजूदा स्थिति ने नरकटिया के पास रहने वाले उन लोगों के बीच दहशत पैदा कर दी है, जिनके सैकड़ों घर नदी के किनारे से पांच फीट की दूरी पर बने हैं।
ग्रामीणों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि किनारे पर सुरक्षा बैरिकेडिंग न होने के कारण परिवार संभावित हादसों के प्रति असुरक्षित हैं। नदी के जलस्तर से लगातार बने खतरे के कारण स्थानीय लोग डरे हुए हैं।