भागलपुर में विकास के काम बहुत धीमी गति से चल रहे हैं। नगर निगम, बुडको और स्मार्ट सिटी के टेंडर बार-बार आगे बढ़ने से लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। इस खबर में जानिए कैसे टेंडर में देरी के कारण शहर के विकास कार्य लटक गए हैं।
- शहर की सफाई के टेंडर में तीसरी बार बदलाव हुआ है।
- भैरो तालाब के सौंदर्यीकरण का टेंडर अब 30 अक्टूबर को खुलेगा।
- बराड़ी रोड टेंपो स्टैंड के लिए कोई बोली नहीं मिली।
- बुडको की पानी और सड़क योजनाओं की समय सीमा कई बार बदली गई है।
शहर के सफाई मॉडल के लिए आरएफपी टेंडर को तीसरी बार आगे बढ़ाया गया है। पहले यह टेंडर 3 अक्टूबर को खुलने वाला था, फिर इसे 21 अक्टूबर किया गया और अब इसे अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में तय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इसमें कुछ नए काम जोड़े गए हैं। स्मार्ट सिटी के कामों में भी ऐसी ही रुकावट आ रही है। भैरो तालाब के सौंदर्यीकरण का काम कई साल से अटका है, और अब इसके लिए नया ठेकेदार ढूंढने के लिए टेंडर 30 अक्टूबर को खुलेगा। बराड़ी रोड टेंपो स्टैंड के लिए चार बार कोशिश करने के बाद भी किसी ने ठेके के लिए आवेदन नहीं किया। इससे इस काम को अब ईओआई प्रक्रिया में भेजना पड़ा है। इस ईओआई की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 23 अक्टूबर कर दी गई है। जन स्वास्थ्य अधिकारी शशि भूषण सिंह ने बताया कि सफाई टेंडर में नए काम जुड़ने के कारण बदलाव हुआ है। वहीं, स्मार्ट सिटी के पीआरओ ने कहा कि तकनीकी कारणों से टेंडर की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी।
सड़क, नाली और पानी सप्लाई जैसे बुनियादी काम भी बहुत पीछे चल रहे हैं। मीरजानहाट से अलीगंज तक सड़क और नाली बनाने का बुडको का टेंडर छह महीने पहले फेल हो गया था और हाल ही में इसे दोबारा जारी किया गया है। बुडको की जल आपूर्ति योजना के तीसरे चरण की समय सीमा पिछले डेढ़ साल में दर्जनों बार बदली जा चुकी है। इसके कारण लोगों को अभी भी पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। बुडको के उप परियोजना निदेशक ने भुगतान में दिक्कत और इनटेक वेल से जुड़ी समस्याओं को देरी की वजह बताया है। बार-बार प्रशासनिक देरी के कारण प्रोजेक्ट की लागत लगातार बढ़ रही है और लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।