भगतलपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: अब 6 लाख खेतों का होगा डिजिटल सर्वे, सीधा मिलेगा लाभ!

भागलपुर प्रशासन आने वाले रबी सीजन के लिए एक बड़े डिजिटल फसल सर्वेक्षण की तैयारी कर रहा है। इस बार लगभग 6 लाख कृषि भूखंडों (प्लॉट्स) को कवर किया जाएगा, जो पिछले साल के 2.54 लाख प्लॉट्स के मुकाबले एक बड़ी बढ़त है। इस पहल का मकसद फसलों का सटीक ऑनलाइन रिकॉर्ड बनाना है, जिसमें शुद्धता के लिए जियो-टैग्ड फोटोग्राफी का इस्तेमाल किया जाएगा।
मुख्य बातें:
- 6 लाख खेतों का डिजिटल सर्वे होगा।
- फसलों की लाइव फोटो पोर्टल पर अपलोड होगी।
- बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और लाभ सीधे किसानों को मिलेगा।
- सर्वेक्षण का उपयोग एमएसपी (MSP) खरीद प्रणाली के लिए किया जाएगा।
कैसे होगा सर्वे का काम?
नई पद्धति के तहत, कृषि कर्मी खेतों का दौरा करेंगे और फसलों की लाइव तस्वीरें लेंगे, जिन्हें सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। सर्वे एप्लिकेशन इस तरह बनाया गया है कि वह तभी काम करेगा जब सर्वेक्षक उस विशेष खेत की सीमा के भीतर होगा। इससे जियो-रेफरेंसिंग के जरिए सटीक लोकेशन मिलेगी। इस डेटा से सरकार को गेहूं, मक्का, दालों और तिलहन जैसी फसलों की खेती के बारे में त्रुटिहीन जानकारी मिलेगी।
किसानों को होने वाले फायदे
इस पहल का उद्देश्य बिचौलियों को हटाना है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचे। इसमें फसल नुकसान मुआवजा, पीएम किसान सम्मान निधि, कृषि इनपुट सब्सिडी और फसल बीमा जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा, इससे किसान रजिस्ट्री का बकाया काम कम होगा, जिसे बाद में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) खरीद प्रणाली से जोड़ा जाएगा ताकि पात्र किसानों की पहचान आसान हो सके।
निगरानी और वर्तमान स्थिति
यह अभियान बिहार के मुख्य सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की गई राज्यव्यापी समीक्षा के बाद शुरू किया गया है। जिला स्तर पर जिलाधिकारी (DM), किसान सलाहकार और कृषि समन्वयक इसे लागू करने में जुटे हैं। बिहार के 38 जिलों में खरीफ 2026 का डिजिटल फसल सर्वे 13 अगस्त को शुरू हुआ था, जो 30 सितंबर तक पूरा होना है। रबी 2025-26 चक्र के आंकड़ों के अनुसार, लक्ष्य के 23,645,253 प्लॉट्स में से 80.21% का सर्वे पूरा हो चुका है। इस काम में 20,465 निजी सर्वेक्षक और 7,718 सरकारी पटवारी लगे हुए हैं। पूरे अभियान की निगरानी रैंडम फील्ड विजिट और दैनिक प्रगति समीक्षा के जरिए की जा रही है।