भागलपुर जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे ने हाल ही में आई स्थानीय आपदाओं के दौरान अपने बेहतरीन काम के लिए खगड़िया प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) मोना कुमारी सोनी और अंचल अधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार वत्स को औपचारिक रूप से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। यह सम्मान उनके प्रभावी संकट प्रबंधन के प्रयासों को उजागर करता है, जिसमें विक्रमशिला सेतु पर स्लैब गिरने और राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध टूटने के बाद की चुनौतियों से निपटना शामिल था।
- खगड़िया बीडीओ मोना कुमारी सोनी और सीओ प्रवीण कुमार वत्स को मिला प्रशस्ति पत्र
- विक्रमशिला सेतु और राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध की आपदा में दिखाया बेहतरीन साहस
- नगछिया एसडीओ के. परीक्षित ने भी दोनों अधिकारियों की सेवा भावना की सराहना की
बीडीओ मोना कुमारी सोनी को बाढ़ संकट के दौरान अपनी दो साल की बेटी प्रisha रितम की माँ होने की जिम्मेदारियों को एक साथ संभालते हुए ब्लॉक कार्यालय और बाल विकास परियोजना कार्यालय के सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए सराहा गया।
इस बीच, सीओ प्रवीण कुमार वत्स को आपातकाल अवधि के दौरान खगड़िया और रंगरा दोनों अंचल कार्यालयों की मुस्तैदी से देखरेख करने के लिए प्रशंसा मिली। नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के. परीक्षित ने भी कठिन परिस्थितियों में जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए दोनों अधिकारियों की सराहना की।
यह प्रशासनिक मान्यता क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और बाढ़ से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के चल रहे व्यापक प्रयासों के बीच आई है। सितंबर 2026 तक, जिला प्रशासन ने विक्रमशिला सेतु के आगामी जरूरी मरम्मत के लिए बंद होने की संभावना को देखते हुए यातायात और यात्री सुरक्षा के प्रबंधन के लिए छह सदस्यीय उच्च स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया है। इसके अलावा, अगस्त के अंत में राघोपुर-काजीकौरैया तटबंध टूटने के बाद राहत अभियान जारी है, जिससे स्थानीय गांवों में पानी भर गया था। जून 2026 में पदभार संभालने वाली डीएम अलंकृता पांडे कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावों के प्रबंधन के अपने कर्तव्यों के साथ-साथ इन रिकवरी अभियानों की देखरेख कर रही हैं।