भागलपुर में बाढ़ का कहर! DM अलंकारिता पांडे ने खुद पानी में उतरकर लिया जायजा

MyBhagalpur Team10 September 20263 min read26 viewsBihar
भागलपुर में बाढ़ का कहर! DM अलंकारिता पांडे ने खुद पानी में उतरकर लिया जायजा

भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है और बाढ़ से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस कठिन समय में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और राहत कार्यों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

  • DM अलंकारिता पांडे ने 9-10 सितंबर 2026 को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया
  • गंगा का जलस्तर 34.60 मीटर दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 92 सेंटीमीटर ऊपर है
  • जिले के 269 गांवों और 82 पंचायतों के 3.87 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित
  • कहलगांव और पीरपैंती में 31 स्कूल बंद और 22 सामुदायिक किचन चालू हैं

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकारिता पांडे ने 9-10 सितंबर 2026 को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक दौरा किया और खुद बाढ़ के पानी में उतरकर स्थिति का जायजा लिया। सबौर अंचल के फरका पंचायत और शंकरपुर गांव के अपने दौरे के दौरान उन्होंने विस्थापित परिवारों और डूबे हुए घरों की स्थिति का मूल्यांकन किया। DM पांडे ने कम्युनिटी किचन में खाने की गुणवत्ता का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के घरों तक भोजन पहुंचाया जाए।

गंगा का जलस्तर और बाढ़ का असर

बुधवार, 9 सितंबर 2026 तक भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34.60 मीटर पर स्थिर हो गया, जो खतरे के निशान से 92 सेंटीमीटर ऊपर है। इस बाढ़ ने जिले को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे 82 पंचायतों और 269 गांवों के 3.87 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। कहलगांव और पीरपैंती में स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसके कारण 31 स्कूलों को बंद करना पड़ा है और 22 सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं। जांसी में भागलपुर-गोरडीह मुख्य सड़क तीन फीट पानी में डूबी हुई है और जलभराव के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-80 पर यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया है। भागलपुर विश्वविद्यालय परिसर भी जलमग्न है, जिससे आने-जाने के लिए नावों का उपयोग करना पड़ रहा है।

राहत कार्य और प्रशासनिक तैयारी

पूरे बिहार में वर्तमान में 14 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं, जिससे 514 पंचायतों के लगभग 40.21 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। संकट से निपटने के लिए जिला प्रशासन अकेले भागलपुर में 90 नावें और 91 सामुदायिक किचन चला रहा है। राहत कार्यों को राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की पांच टीमों, 17 मोटरबोट और 501 'आपदा मित्र' स्वयंसेवकों का समर्थन प्राप्त है। बच्चों की शिक्षा और मनोरंजन के लिए राहत शिविरों में एलसीडी टीवी सहित विशेष सुविधाएं स्थापित की गई हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों के तहत जिला प्रभारी सचिव दीपक आनंद ने राहत शिविरों का औचक निरीक्षण किया। बिहार जनसंघर्ष समिति ने DM को एक ज्ञापन सौंपकर राहत कार्यों को तेज करने की मांग की है। DM पांडे ने अधिकारियों को बाढ़ नियंत्रण उपायों पर निरंतर सतर्कता बनाए रखने, पीने के पानी और स्वच्छता की उपलब्धता सुनिश्चित करने, तथा भोजन और पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता की निगरानी करने का आदेश दिया है, जिसकी रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन शाखा को सौंपी जाएगी। केंद्रीय जल आयोग (CWC) चल रहे आपदा मोचन में सहायता के लिए जल स्तर पर वास्तविक समय का डेटा प्रदान करना जारी रखे हुए है।

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