भागलपुर शिक्षा विभाग में 98 लाख का फर्जीवाड़ा, पकड़ा गया फर्जी शिक्षक

MyBhagalpur Team17 October 20262 min read0 viewsBihar
भागलपुर शिक्षा विभाग में 98 लाख का फर्जीवाड़ा, पकड़ा गया फर्जी शिक्षक

भागलपुर शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये का सैलरी घोटाला सामने आया है। असली शिक्षकों को वेतन के लिए संघर्ष करना पड़ा, जबकि एक फर्जी शिक्षक के खाते में 53 दिनों में 13 किस्तों में 6.74 लाख रुपये भेजे गए।

यह फर्जी भुगतान 10 अप्रैल से 1 जून 2026 के बीच तनुश्री नाम के फर्जी शिक्षक से जुड़े खाते में किए गए, जो फरीदाबाद में तनुजा देवी के नाम से रजिस्टर्ड है। बिना सही जांच के एक ही दिन में कई बिल पास कर दिए गए, जिससे सिस्टम की पोल खुल गई।

बिहार वित्त विभाग की शुरुआती जांच के बाद, शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन और भत्तों का 100 प्रतिशत सत्यापन करने का आदेश दिया गया है। इसके चलते राज्य भर के लगभग 10.3 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) चंदन कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) शशि चंदन चौधरी, क्लर्क शिशिर कुमार झा, रिटायर ऑपरेटर अविनाश राज, उनकी पत्नी काजल और तनुजा देवी सहित छह लोगों पर FIR दर्ज की गई है। मुख्य आरोपी अविनाश राज को बांका से गिरफ्तार किया गया, जबकि DPO शशि चंदन चौधरी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। क्लर्क शिशिर कुमार झा को निलंबित कर दिया गया है।

शिक्षा के क्षेत्रीय उप निदेशक (RDD) सुभाष कुमार गुप्ता ने FIR दर्ज कराई और सत्यापन के निर्देश दिए। वित्त विभाग ने कहा है कि गड़बड़ी में शामिल लोगों पर कार्रवाई होगी और ज्यादा भुगतान की गई रकम वापस ली जाएगी।

RDD ने सभी प्रखंड शिक्षा अधिकारियों (BEOs) को शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच जल्द करने को कहा है। दुर्गा पूजा के दौरान भी शिक्षकों का वेतन रुका रहा। 16 अक्टूबर 2026 को डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उसी दिन आरोपी DPO ने जमानत याचिका दायर की जिस पर फैसला नहीं हुआ। RDD ने DEO को महेश प्रसाद को प्रभार सौंपने को कहा और 17 हजार से ज्यादा शिक्षकों और कर्मचारियों के डेटा सत्यापन की बात कही ताकि सही लोगों को सैलरी मिल सके।

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