भागलपुर शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात को ठीक करने के लिए 1,390 शिक्षकों का ट्रांसफर किया है। यह फैसला 28 सितंबर 2026 को घोषित किया गया। इसके तहत 1,194 अतिरिक्त शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा गया है जहाँ स्टाफ की कमी है, जबकि 196 शिक्षकों का ट्रांसफर आपसी सहमति से हुआ है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) चंदन कुमार ने बताया कि छात्र-शिक्षक अनुपात को ठीक करना इस प्रशासनिक कदम का मुख्य उद्देश्य है।
ट्रांसफर्ड शिक्षकों को 8 अक्टूबर 2026 तक अपने नए आवंटित स्कूलों में रिपोर्ट करना अनिवार्य है। नियम का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद नए स्कूलों से वेतन मिलना शुरू हो जाएगा और इस relocation के लिए कोई यात्रा भत्ता (travel allowance) नहीं दिया जाएगा।
इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद, रिकॉर्ड को ई-शिक्षककोष पोर्टल और आधिकारिक सर्विस बुक्स पर अपडेट किया जाएगा। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) शशि चंदन चौधरी ने पहले ही पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट करने की आवश्यकता के बारे में सख्त निर्देश जारी किए थे, जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि ऐसा न करने पर वेतन रोका जा सकता है।
ट्रांसफर के इन फैसलों को जिला स्थापना समिति की उच्च स्तरीय बैठकों के दौरान अंतिम रूप दिया गया, जिसकी अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडे ने की। आंकड़ों से पता चलता है कि प्राथमिक शिक्षा स्तर (कक्षा 1 से 5) में सबसे अधिक शिक्षकों यानी कुल 602 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है। यह प्रयास 19 सितंबर 2026 को शुरू किए गए एक व्यापक प्रशासनिक अभियान के बाद आया है, जब अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि यदि ई-शिक्षककोष प्रोफाइल अधूरे या गलत पाए गए तो 3,393 शिक्षकों का वेतन निलंबित किया जा सकता है।
इसके अलावा, बिहार शिक्षक ट्रांसफर नियमावली-2026 के तहत, राज्य सरकार ने बाढ़ की स्थिति के कारण सामान्य ट्रांसफर आवेदन की तारीखों को 4-10 अक्टूबर 2026 तक के लिए पुनर्निर्धारित किया है। स्कूल-वार रिक्तियों की एक व्यापक सूची 1 अक्टूबर को जारी होने वाली है, और इसके बाद की प्रक्रिया 12 अक्टूबर से शुरू होगी। राज्य शिक्षा विभाग का लक्ष्य 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी शिक्षक ट्रांसफर प्रक्रिया को समाप्त करना है।