भागलपुर में शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब अधिकारियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का वेतन और भत्ता एचआरएमएस (मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली) डेटा के सत्यापन के बाद ही मिलेगा। शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) के आदेश के बाद यह निर्देश जारी किया गया है।
- एचआरएमएस डेटा सत्यापन के बाद ही मिलेगा वेतन और भत्ता।
- जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने तीन सदस्यीय समिति बनाई है।
- अगले वेतन चक्र से पहले 100 प्रतिशत कर्मियों का डेटा जांचा जाएगा।
- सत्यापन प्रक्रिया 22 अक्टूबर तक पूरी करनी होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बनाई गई इस तीन सदस्यीय समिति में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) मिथिलेश कुमार को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) कुंदन कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा और सर्व शिक्षा अभियान) शालिनी जागृति को सदस्य बनाया गया है।
डीईओ ने समिति को बिहार के पटना में शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) द्वारा तय दिशा-निर्देशों के आधार पर पूरी जांच करने और जल्द से जल्द अपनी सत्यापन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को एक प्रमाण पत्र भी देना होगा। इसमें यह पुष्टि करनी होगी कि सत्यापन सूची में शामिल सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनकी पात्रता के अनुसार वेतन और भत्ते मिल रहे हैं, और भुगतान प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है।