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भागलपुर में फर्जी शपथ पत्र कांड का बड़ा खुलासा, पुलिस ने 90 दिन की जांच के बाद नेटवर्क को किया बेनकाब

Hariom Mishra5 April 20262 min read2 views
भागलपुर में फर्जी शपथ पत्र कांड का बड़ा खुलासा, पुलिस ने 90 दिन की जांच के बाद नेटवर्क को किया बेनकाब

भागलपुर पुलिस ने फर्जी शपथ पत्र के जरिए जमीन की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। करीब 90 दिनों तक चली लंबी तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी की है। यह पूरा मामला उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के उन निर्देशों के बाद चर्चा में आया था जिसमें उन्होंने फर्जी म्यूटेशन और जमीन के कागजों में हेराफेरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही थी।

पुलिस ने कैसे किया इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश

भागलपुर पुलिस ने इस फर्जीवाड़े की जड़ तक पहुंचने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का सहारा लिया। पुलिस की तकनीकी टीम ने Call Detail Records (CDR) और सर्वर डेटा की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फर्जी तरीके से शपथ पत्र तैयार कर सरकारी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर रहे थे। इस मामले में पुलिस ने मोहम्मद सैफुल्ल इस्लाम उर्फ विक्की को तातारपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस से गिरफ्तार किया है।

मृत महिला को जिंदा दिखाकर किया जमीन का म्यूटेशन

इस गिरोह की जालसाजी का एक हैरान कर देने वाला मामला तब सामने आया जब हशमुन निशा नाम की एक महिला, जिनकी मृत्यु 2015 में ही हो चुकी थी, उन्हें कागजों में जिंदा दिखाकर जमीन का म्यूटेशन करा लिया गया। सदर एसडीओ विकास कुमार की जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और इस रैकेट में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की तलाश कर रही है।

केस से जुड़ी अहम जानकारियां

विवरण मुख्य जानकारी
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सैफुल्ल इस्लाम उर्फ विक्की
गिरफ्तारी की जगह तातारपुर थाना क्षेत्र (प्रिंटिंग प्रेस)
जांच की अवधि 90 दिन की तकनीकी जांच
दर्ज एफआईआर 4 जनवरी को जगदीशपुर थाना में दर्ज
मुख्य अधिकारी सिटी एसपी, रेंज आईजी और एसएसपी
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