भागलपुर के जीरासाओ (देवरिया) में स्थित रेनबो अकादमी ने 16 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि का जश्न मनाने के लिए गरबा-डांडिया उत्सव का आयोजन किया। ग्रामीण इलाके में इस तरह का आयोजन पहली बार हुआ था, जिससे छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में काफी उत्साह देखने को मिला।
- छात्रों और शिक्षकों ने पारंपरिक कपड़ों में प्रदर्शन किया।
- कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय परंपराओं से जोड़ना था।
- अभिभावकों ने स्कूल के इस प्रयास की सराहना की।
छात्रों और शिक्षकों ने पारंपरिक, रंग-बिरंगे कपड़ों में भाग लिया और 'केसरियो रंग संग लाग्यो रे गरबा', 'नवरात्रि आया रे' और 'सांवरिया सेठ' जैसे गानों पर प्रस्तुतियां दीं।
स्कूल परिसर डांडिया और गरबा की धुनों से गूंज उठा था। छात्रों ने मां दुर्गा को समर्पित भक्ति गीतों पर समूह नृत्य भी किए, और बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए शिक्षक भी उत्सव में शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में गरबा और डांडिया के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला गया।
यह नृत्य मां दुर्गा की पूजा, नारी शक्ति के सम्मान और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं। आयोजकों ने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को भारतीय परंपराओं से जुड़ने का मौका देते हैं।
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल की इस पहल की तारीफ की।
इसे बच्चों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक जागरूकता और छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने का सराहनीय प्रयास बताया गया। स्कूल मैनेजर डॉ. मनमोहन मिश्रा ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य छात्रों का सर्वांगीण विकास करना है।
सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सहयोग की भावना पैदा होती है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मनमोहन मिश्रा ने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों का धन्यवाद किया और सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं।