भागलपुर में बाढ़ और कटाव का कहर, गंगा में समाया दो मंजिला मकान

भागलपुर के सबौर प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ और कटाव से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फरका पंचायत के इंग्लिश गांव में गंगा नदी के भीषण कटाव से कई आशियाने नष्ट हो गए हैं, वहीं रजंदीपुर पंचायत के संतनगर बगदेर में बाढ़ के पानी ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। दोनों ही जगहों पर प्रशासनिक मदद न मिलने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
इंग्लिश गांव में गंगा में समाया दो मंजिला मकान
सबौर प्रखंड की फरका पंचायत अंतर्गत इंग्लिश गांव इस समय गंगा के भीषण कटाव की चपेट में है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटाव ने रौद्र रूप धारण कर लिया है जिससे पक्के मकान ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं। सोमवार की सुबह ग्रामीण इतवारी साह का दो मंजिला मकान देखते ही देखते गंगा नदी में विलीन हो गया। इसके अलावा रंजीत तांती, छट्टू तांती, दीपक तांती और धनेश्वर तांती सहित दर्जनों ग्रामीणों के घर अब कटाव के मुहाने पर खड़े हैं। कटाव की भयावहता को देखकर पूरे गांव में दहशत है और लोग अपने घरों को खाली कर सामान सुरक्षित जगहों पर ले जाने में जुटे हैं। जिनका घर नदी in समा चुका है, उनके परिवारों में चीख-पुकार मची है। एक पीड़ित महिला ने रोते हुए कहा कि अगर यही स्थिति रही तो बहुत जल्द पूरा गांव गंगा में समा जाएगा। सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक कोई कटावनिरोधी कार्य शुरू नहीं कराया गया है।
संतनगर बगदेर में बाढ़ से टापू जैसी स्थिति
कटाव से इतर, सबौर के ही रजंदीपुर पंचायत के संतनगर बगदेर (वार्ड नंबर 7 एवं 8) में बाढ़ ने पिछले एक महीने से टापू जैसी स्थिति बना दी है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है और ग्रामीण कमर से ऊपर तक भरे पानी के बीच रहने को बेबस हैं। रोजाना 500 रुपये की मजदूरी कमाने के लिए पुरुषों को इसी गहरे पानी को पार कर शहर जाना पड़ता है। घरों में छोटे बच्चे और बुजुर्ग हैं तथा पानी बढ़ने के कारण जहरीले जीव-जंतु और सांप निकलने लगे हैं जिससे चौबीसों घंटे अनहोनी का डर सताता रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पूरी तरह सरकारी सुविधाओं से वंचित हैं। बाढ़ की विभीषिका के बीच न तो उन्हें पॉलिथीन दी गई है, न राशन और न ही आवागमन के लिए नाव की सुविधा मिली है और बीमारी की स्थिति में कोई मेडिकल टीम भी मौजूद नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले सबौर की अंचलाधिकारी दिव्या कुमारी क्षेत्र का मुआयना करने आई थीं लेकिन सिर्फ देखकर चली गईं। पंचायत के उप मुखिया देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस गंभीर समस्या की लिखित व मौखिक सूचना सबौर प्रखंड के वरीय अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद ब्लॉक प्रशासन ने मामले को संज्ञान में नहीं लिया है और न ही कोई राहत सामग्री भेजी है।