भागलपुर बाढ़ पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा, सरकार कराएगी नुकसान का सर्वे

बिहार के भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बाढ़ का पानी उतरते ही सरकार नुकसान का सर्वे कराएगी और पीड़ितों को आर्थिक मदद दी जाएगी। बिहार सरकार बाढ़ पीड़ितों के खातों में सीधे पैसे भेजेगी।
- मंत्री नीतीश मिश्रा ने नुकसान के सर्वे और राहत का ऐलान किया।
- 15 सितंबर 2026 को डीबीटी के जरिए खातों में पैसे आएंगे।
- बाढ़ से 14 blocks के 92 panchayats प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और सहायता
बिहार के भागलपुर के प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने घोषणा की है कि राज्य सरकार बाढ़ का पानी उतरते ही व्यापक नुकसान का आकलन करेगी ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके। 13 सितंबर 2026 को हुई समीक्षा बैठक के बाद मिश्रा ने पुष्टि की कि प्राथमिकता अभी आपातकालीन राहत पहुंचाना है और राज्य सरकार जिला को सभी जरूरी संसाधन देने के लिए प्रतिबद्ध है। मौजूदा बाढ़ से भागलपुर में लगभग 85.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जिसमें 14 ब्लॉक की 92 पंचायतों के 147,000 से अधिक परिवार प्रभावित हुए हैं।
सीधे बैंक खातों में आएगी राहत राशि
15 सितंबर 2026 को बिहार के मुख्यमंत्री डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए बाढ़ पीड़ितों के बैंक खातों में सीधे राहत राशि ट्रांसफर करने वाले हैं। बिहार बाढ़ राहत अनुदान 2026 के तहत प्रभावित किसानों को 37,500 रुपये तक की सहायता मिलने की पात्रता है। इसके अलावा, 12 सितंबर 2026 को जारी जिला मजिस्ट्रेट के आदेशों में गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों के परिवारों को अनुग्रह राहत (जीआर) अनुदान के दायरे में शामिल किया गया है, भले ही उनके घरों में पानी न घुसा हो, बशर्ते उनकी स्थिति का सत्यापन हो जाए।
मंत्री का दौरा और सामुदायिक रसोई
प्रभारी मंत्री नीतीश मिश्रा ने राहत कार्यों की निगरानी के लिए 12 सितंबर 2026 को जिला का दौरा किया। आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा, जिन्होंने 9 सितंबर 2026 को क्षेत्र का निरीक्षण किया था, ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पीड़ित मदद से वंचित न रहे, और सामुदायिक रसोई के विस्तार तथा सूखे राशन के वितरण को अनिवार्य किया। वर्तमान में 1,194 सामुदायिक रसोई 1.9 मिलियन से अधिक लोगों को खाना खिला रही हैं, जबकि 15 राहत शिविर चिकित्सा और आवास सुविधाओं के साथ 11,255 पीड़ितों को आश्रय दे रहे हैं।
मुआवजा और सुरक्षा के उपाय
मुआवजे के नियम लागू हैं: पूरी तरह से नष्ट हुए पक्के मकानों को 1.20 लाख रुपये और पशु शेड के नुकसान पर 3,000 रुपये का मुआवजा दिया जाता है। बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने 12 सितंबर 2026 को गंगा, पुनपुन और गंडक नदियों के किनारे के तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी करने का आदेश दिया। शाहकुंड अंचल अधिकारी हर्षा कोमल सहित स्थानीय अधिकारी, दुर्गम क्षेत्रों में सक्रिय रूप से सहायता वितरित कर रहे हैं, जिसमें विस्थापित निवासियों तक पहुंचने के लिए कमर तक गहरे पानी में चलना भी शामिल है।