भागलपुर में बाढ़ से भारी तबाही, 178 गाँव डूबे और राहत कार्य तेज

MyBhagalpur Team7 September 20262 min read31 viewsBihar
भागलपुर में बाढ़ से भारी तबाही, 178 गाँव डूबे और राहत कार्य तेज

भागलपुर में बाढ़ के हालात और राहत कार्यों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आइए जानते हैं बाढ़ से जुड़ी मुख्य बातें:

  • 178 गाँव, 56 पंचायतें और 347 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हैं।
  • इस आपदा से कुल 2,17,811 लोग प्रभावित हुए हैं।
  • घर छोड़ने वाले विस्थापितों की संख्या 22,035 हो गई है।

जिला मजिस्ट्रेट की प्रेस कॉन्फ्रेंस

सोमवार को समीक्षा भवन में जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडेय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की पूरी जानकारी दी। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे पानी का स्तर बना रहेगा, विस्थापितों की यह संख्या बढ़ सकती है।
MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

नाव और राहत सामग्री का वितरण

प्रभावित इलाकों में लोगों आने-जाने और राहत सामग्री पहुँचाने के लिए प्रशासन की तरफ से 71 नावें चलाई जा रही हैं। जिन परिवारों के घरों में पानी घुस गया है, उन्हें लगभग 4,000 पॉलीथिन शीट यानी तिरपाल बांटे गए हैं।

भोजन और राहत शिविर की व्यवस्था

खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर 24 अगस्त से 15 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं, जहाँ एक लाख से ज्यादा लोगों को खाना खिलाया गया है। इसके अलावा, सोमवार तक सात राहत शिविर काम कर रहे थे, जिनसे 5,161 लोगों ने भोजन प्राप्त किया।

राघोपुर तटबंध टूटने से बढ़ी समस्या

गंगा और कोसी नदियों में बढ़ते जलस्तर के कारण राघोपुर तटबंध टूट गया है, जिससे स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने राघोपुर तटबंध के पास विशेष तौर पर तीन राहत शिविर बनाए हैं।

पशुओं के लिए सहायता

बाढ़ क्षेत्र के मवेशियों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 9,343 जानवरों का पंजीकरण किया गया है और मंगलवार से उनके लिए चारा वितरण का काम शुरू होने वाला है। जिला मजिस्ट्रेट ने साफ किया है कि जैसे-जैसे विस्थापित परिवारों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे राहत कार्यों को और बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में लोगों की सुरक्षा, भोजन की आपूर्ति, नावों से आवाजाही और पशुओं की देखभाल करना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

Share:

Comments

Leave a comment