भागलपुर में बाढ़ के बीच युवाओं के खतरनाक स्टंट, मंडरा रहा बड़ा हादसा

भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और बाढ़ का पानी शहरी क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है। प्रशासन हाई अलर्ट पर है, लेकिन इस आपदा के बीच युवाओं की लापरवाही और खतरनाक स्टंट की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
गंगा घाटों पर युवाओं की खतरनाक छलांगें
भागलपुर, 29 अगस्त। जिले में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने अब विकराल रूप ले लिया है। निचले इलाकों को जलमग्न करने के बाद बाढ़ का पानी अब तेजी से शहरी क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है। शहर के कई मोहल्लों में पानी घुसने से स्थिति लगातार गंभीर और चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन हाई अलर्ट पर है, लेकिन इस आपदा के बीच एक बेहद डरावनी और लापरवाह तस्वीर भी सामने आ रही है। एक तरफ जहां उफनती गंगा को देखकर लोग सहमे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग, खासकर युवा, गंगा घाटों पर स्नान करने पहुंच रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि शासन और प्रशासन की चेतावनियों को ताक पर रखकर कई युवक अपनी जान जोखिम में डालते नजर आ रहे हैं। बाढ़ के इस खतरनाक माहौल में कुछ युवक घाटों के किनारे बनी ऊंची दीवारों, रेलिंग और खतरनाक कोनों से सीधे गंगा के गहरे पानी में छलांग लगा रहे हैं। पानी का बहाव इतना तेज है कि अच्छे-अच्छे तैराकों के लिए भी खुद को संभालना मुश्किल हो जाए, लेकिन ये युवक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के लगातार गहरे पानी में कूदकर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं।
मौत को दावत देता जोश और स्थानीय मांग
तस्वीरों और घाटों के नजारे साफ बयां कर रहे हैं कि युवाओं का यह जोश किसी भी पल मातम में बदल सकता है। गंगा के इस बढ़े हुए जलस्तर में पानी के नीचे की स्थिति यानी गहराई और तेज भंवर का अंदाजा लगाना नामुमकिन है। ऐसे में ऊंची जगहों से छलांग लगाना सीधे मौत को दावत देने जैसा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरा सी चूक या पैर फिसलने से कोई भी युवक तेज धार में बह सकता है, जिससे बड़ा हादसा होना तय है। शहरी क्षेत्रों में पानी घुसने के बाद स्थानीय बुद्धिजीवियों और नागरिकों ने जिला प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खतरनाक घाटों पर तुरंत बैरिकेडिंग की जानी चाहिए और पुलिस बल की तैनाती कर ऐसे युवाओं पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए जो अपनी जान के साथ-साथ दूसरों की परेशानी भी बढ़ा रहे हैं। यदि समय रहते इन जानलेवा छलांगों पर रोक नहीं लगाई गई, तो भागलपुर में बाढ़ के बीच एक बड़ी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता।