सितंबर महीने में लगातार भारी बारिश और गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से भागलपुर जिले में भारी संकट आ गया है। बाढ़ का पानी ग्रामीण सीमाओं को पार करके भागलपुर के शहरी इलाकों में तेजी से घुस रहा है। - आदमपुर मोहल्ले में मणिक सरकार घाट के पास दर्जनों रिहायशी घरों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी है। - निचले इलाकों में पानी आंगन और कमरों में घुस गया है, जिससे लोग सामान सुरक्षित नहीं कर पा रहे हैं। - नाथनगर, गोराडीह और दर्जनों अन्य इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। - कई ब्लॉकों में धान के खेत डूब गए हैं और किसानों को फसल सड़ने का डर है। - नवगछिया उपमंडल में केले की फसल डूब गई है और राघोपुर में भी बाढ़ फैल रही है। - मुख्यमंत्री ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए।
सितंबर महीने में लगातार भारी बारिश और गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से भागलपुर जिले में एक गंभीर संकट पैदा हो गया है। बाढ़ का पानी ग्रामीण सीमाओं को पार करके अब तेजी से भागलपुर के शहरी इलाकों में प्रवेश कर रहा है। आदमपुर मोहल्ले में मणिक सरकार घाट के पास
दर्जनों रिहायशी घरों में पानी घुस गया है, जिससे मजबूर होकर स्थानीय लोगों को अपनी छतों पर शरण लेनी पड़ी है। मणिक सरकार घाट के आसपास के निचले इलाकों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है, जहां बाढ़ का पानी लोगों के घरों के आंगन और कमरों तक भर गया है। इससे प्रभावित लोगों को अपना घरेलू सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाने में बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के दबाव के कारण नाथनगर, गोराडीह और आसपास की दर्जनों अन्य रिहायशी बस्तियों में भी
बाढ़ का खतरा काफी बढ़ गया है।
जहां शुरुआती बारिश से धान के किसानों को राहत मिली थी, वहीं अब अत्यधिक पानी जमा होने के कारण कई ब्लॉकों में धान के विशाल खेत पूरी तरह से डूब चुके हैं। किसानों को डर सता रहा है कि लंबे समय तक जलभराव रहने से
उनकी फसलें सड़ जाएंगी और पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी। इसके अलावा, गंगा नदी के पार नवगछिया उपमंडल में स्थिति और भी ज्यादा गंभीर बनी हुई है, जहां एक मुख्य नकदी फसल के रूप में जाने जाने वाले केले के बड़े-बड़े बगान पूरी तरह से डूब चुके हैं। राघोपुर इलाके में भी लगातार बढ़ती बाढ़ के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि बाढ़ का पानी लगातार नए गांवों में फैलता जा रहा है।
शनिवार को मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा किया और वहां राहत तथा बचाव कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया। सरकार की तरफ से
जल संसाधन विभाग को संवेदनशील तटबंधों पर लगातार नजर रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रभावित ग्रामीणों और किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं।