भागलपुर में गरुड़ दिवस पर नया पुनर्वास केंद्र शुरू

भागलपुर वन प्रमंडल ने वन्यजीव सप्ताह के दौरान रविवार को 'गरुड़ दिवस' मनाया और नवनिर्मित गरुड़ पुनर्वास केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र का उद्घाटन क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (RCCF) डॉ. एस. कुमारस्वामी, डॉ. सुनील अग्रवाल, बीएनएचएस गवर्निंग काउंसिल के सदस्य अरविंद मिश्रा और शारदा पाठशाला कहलगांव के प्रोफेसर जयनंदन मंडल ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन के बाद वन विभाग ने अपनी नई डिजिटल पहल 'प्रकृति के प्रहरी' की शुरुआत की, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जैव विविधता और गरुड़ संरक्षण में शामिल स्थानीय लोगों की प्रेरणादायक कहानियों को प्रदर्शित करती है। मेहमानों ने सुंदरबन परिसर में कदम का पौधा लगाकर कार्यक्रम का समापन किया। नवगछिया के कदवा खैरपुर स्थित ग्राम कचहरी परिसर में भी एक महत्वपूर्ण सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन डीएफओ आशुतोष राज, पर्यावरणविद् अरविंद मिश्रा, प्रोफेसर जयनंदन मंडल, सरपंच सिराज शाह, सरपंच सुबोध कुमार मिश्रा और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध कुमार ने किया। इसका मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय ग्रेटर एडजुटेंट स्टॉर्क (गरुड़) की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। समारोह के दौरान उनके समर्पित संरक्षण प्रयासों के लिए 'गरुड़ गार्डियंस', 'गरुड़ सेविका', 'गरुड़ सेवियर्स' और स्थानीय ग्रामीणों को अंग वस्त्र और गरुड़ प्रतीक चिन्ह से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के वक्ताओं ने खाद्य श्रृंखला और पारिस्थितिक संतुलन में गरुड़ पक्षी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। वन विभाग, एनजीओ और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोगात्मक प्रयासों के कारण, कदवा-नवगछिया क्षेत्र असम के बाद दुनिया में इन पक्षियों का दूसरा सबसे बड़ा प्रजनन स्थल बन गया है। वन अधिकारियों ने आगामी प्रजनन सीजन के दौरान घोंसलों की सुरक्षा और घायल चूल्हों के तेजी से उपचार व पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक रूप से स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत की।