बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी में भयंकर बाढ़ आ गई है जिससे भारी कटाव हो रहा है। इस बाढ़ से लगभग 40,000 लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ का पानी बिहार सरकार के मंत्री बुलो मंडल के घर में भी घुस गया है। मंगलवार सुबह राघोपुर जमींदारी बांध पर स्थिति बहुत खराब हो गई। नदी के तेज बहाव के कारण 100 साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर नष्ट हो गया और देखते ही देखते उसका एक बड़ा हिस्सा बह गया। इस ऐतिहासिक मंदिर के बह जाने से स्थानीय लोगों में बहुत डर और प्रशासन तथा जल संसाधन विभाग के खिलाफ गुस्सा फैल गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि अगर विभाग ने कटाव रोकने के लिए अच्छे से काम किया होता तो इस ऐतिहासिक मंदिर को बचाया जा सकता था।
मंदिर के बह जाने के बाद अब स्थानीय लोगों को पास की रेलवे लाइन, नदी घाटों और रिहायशी इलाकों की सुरक्षा की बहुत चिंता सता रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कटाव आबादी वाले इलाकों की तरफ बढ़ रहा है जिससे और अधिक तबाही का खतरा बढ़ गया है। वे दिखावे के कामों के बजाय तुरंत बड़े पैमाने पर बाढ़ रोकने के उपाय करने की मांग कर रहे हैं।
निवासियों ने मांग की है कि जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग विशेषज्ञ इंजीनियरों की देखरेख में वैज्ञानिक जांच करवाकर मजबूत कटाव रोधी काम करे। कार्यकारी अभियंता आदित्य त्यागी ने बताया कि युद्ध स्तर पर लगातार कटाव रोकने का काम किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को लगातार निगरानी रखकर और जरूरी बचाव सामग्री देकर रेलवे लाइन और घरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
बांध टूटने के कारण कई रिहायशी मकानों में पानी पहले ही घुस चुका है। यह रिपोर्ट भागलपुर से अमरजीत द्वारा भेजी गई है। इसके अलावा, अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि नेपाल से बाढ़ के पानी के साथ बिहार आई अज्ञात मछलियों को न खाया जाए।