भागलपुर में गंगा का डरावना रूप, ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने को बेताब

MyBhagalpur Team7 September 20262 min read32 viewsBihar
भागलपुर में गंगा का डरावना रूप, ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ने को बेताब

भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल में गंगा नदी अपने रौद्र रूप में है और अब तक के सारे ऐतिहासिक रिकॉर्ड ध्वस्त करने की कगार पर पहुंच गई है। क्षेत्र के अतिसंवेदनशील इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 33.28 मीटर दर्ज किया गया, जिससे पूरे इलाके में हाई अलर्ट की स्थिति बन गई है। नदी का पानी लाल निशान को बहुत पीछे छोड़ते हुए अब ऑल-टाइम हाई स्तर को छूने के लिए बेताब दिख रहा है।

तटबंध पर मंडराता महासंकट

तटबंध और आस-पास के क्षेत्रों में स्थिति कितनी गंभीर है, इसे इन सरकारी आंकड़ों से आसानी से समझा जा सकता है। सोमवार सुबह का जलस्तर (स्पर संख्या-7) 33.28 मीटर रहा। जो खतरे का निशान से 1.68 मीटर है। सर्वकालिक उच्चतम बाढ़ स्तर 33.50 मीटर है। यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड से मात्र 22 सेंटीमीटर दूर है। नदी के जलस्तर में जिस तीव्र रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है, उसने जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की सांसें फुला दी हैं। स्पर संख्या-7 सहित तटबंध के विभिन्न संवेदनशील बिंदुओं पर नदी की तेज धार का सीधा और प्रचंड दबाव बना हुआ है। यदि पानी की यही रफ्तार रही, तो अगले कुछ घंटों में गंगा 2021 के अपने 33.50 मीटर के सर्वकालिक रिकॉर्ड को तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित कर देगी। इस स्थिति में इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर महासंकट गहरा गया है।

युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी

अगर तटबंध को किसी भी तरह की क्षति पहुंचती है, तो नवगछिया अनुमंडल के दर्जनों गांवों सहित एक विशाल आबादी जलमग्न हो जाएगी और जान-माल की अपूरणीय क्षति हो सकती है। खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग के अभियंता और तकनीकी टीम कैंप कर रही है। तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए सैंड बैग और बोल्डर डालकर फ्लड फाइटिंग का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। गंगा की तेज धारा और ऊंची लहरों के बीच बचाव दल और मजदूर लगातार तटबंध की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी संभावित रिसाव या कटाव को तुरंत रोका जा सके। स्थानीय प्रशासन ने निचले और दियारा इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

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