पूर्वी रेलवे ने भागलपुर जंक्शन और दुमका जंक्शन को जोड़ने वाली 112.9 किलोमीटर लंबी रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए आधिकारिक तौर पर ई-टेंडर जारी कर दिया है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1,344.87 करोड़ रुपये है।
- इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य ट्रेन संचालन को बेहतर बनाना और सिंगल-ट्रैक रूट पर क्रॉसिंग की वजह से होने वाली देरी को कम करना है।
- यह पहल भागलपुर, बांका और संथाल परगना क्षेत्र के रेल यात्रियों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचाएगी।
इस दोहरीकरण प्रोजेक्ट के तहत नई रेल लाइन बिछाना, पुल निर्माण, ट्रैक विकास, मिट्टी का काम, विद्युतीकरण, और सिग्नलिंग व दूरसंचार बुनियादी ढांचे की स्थापना का काम शामिल है।
रेलवे ने 30 नवंबर 2026 को एक प्री-बिड कॉन्फ्रेंस तय की है।
15 जनवरी 2027 से बोली शुरू होगी, और आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 29 जनवरी 2027 तय की गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ने की उम्मीद है।
एक बार यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाने पर, सिंगल-लाइन संचालन से जुड़ी मौजूदा बाधाएं दूर हो जाएंगी, जिससे
हांसीडीहा, नोनियाहत और व्यापक संथाल परगना क्षेत्र के यात्रियों के लिए ट्रेन सेवाएं बेहतर होंगी। क्षमता में इस विस्तार से भविष्य में अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने बताया कि उन्होंने पहले केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस प्रोजेक्ट को लागू करने का अनुरोध किया था।