भागलपुर वालों के लिए खुशखबरी! अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मिलेंगी 151 दवाएं और जांच सुविधाएं

भागलपुर के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (APHC) को अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदला जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य मरीजों को बेहतर रेफरल सिस्टम और ज्यादा सुविधाएं देना है।
मुख्य बातें:
- स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया जा रहा है।
- अब मरीजों को 151 तरह की जरूरी दवाएं मिलेंगी।
- 14 अलग-अलग तरह की पैथोलॉजी जांच की सुविधा उपलब्ध होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
पत्रकार गौतम वेदपणी की रिपोर्ट के अनुसार, इन केंद्रों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बदला जा रहा है। ये केंद्र पहले आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के नाम से जाने जाते थे। इनका मकसद प्रिवेंटिव, प्रोमोटिव, क्यूरेटिव, रिहैबिलिटेटिव और पैलिएटिव केयर सहित स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा दायरा उपलब्ध कराना है। इन सुविधाओं में बढ़ोतरी इसलिए की जा रही है क्योंकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।
पुराने प्रयास और उपलब्धियां
स्वास्थ्य ढांचे को बेहतर बनाने के लिए पहले भी कदम उठाए गए हैं। जून 2025 में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने भागलपुर में दो नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया था और 22 अन्य यूनिटों की आधारशिला रखी थी। इसके अलावा, नवंबर 2025 में नगरपड़ा, जैरामपुर और यमुनािया के केंद्रों को इंडियन नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (INQAS) सर्टिफिकेशन मिला था। उस समय इन केंद्रों पर 51 तरह की दवाएं मिलती थीं, जिसे अब बढ़ाकर 151 किया जा रहा है।