भागलपुर जिला स्वास्थ्य समिति की नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (एनसीडी) यूनिट बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोबाइल ऑडियो-विजुअल वैन के जरिए विशेष जागरूकता अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत बाढ़ पीड़ितों को बीमारियों के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी जा रही है।
- रविवार, 13 सितंबर 2026 को सबौर ब्लॉक के बाढ़ राहत शिविर में वैन भेजी गई
- स्क्रीन प्रेजेंटेशन के जरिए उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर के कारण, लक्षण और रोकथाम बताए गए
- समय पर स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया गया
- तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन न करने की अपील की गई
यह पहल 'जांच और उपचार - आपके द्वार पर चिकित्सा देखभाल' अभियान के तहत संचालित हो रही है। यह अभियान 2 सितंबर 2026 को शुरू हुआ और 30 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है, जो बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशों के तहत चलाया जा रहा है। इसके अलावा, 1 सितंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक पूरे भागलपुर जिले में 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के लिए एक विशेष एनसीडी स्क्रीनिंग कार्यक्रम भी चल रहा है। जिला एनसीडी अधिकारी डॉ. पंकज कुमार मनस्वी ने स्क्रीनिंग अभियान की तीन महीने की अवधि की पुष्टि की है।
डॉ. मनस्वी ने 12 सितंबर 2026 को राजकीय पॉलिटेक्निक बरारी बाढ़ राहत शिविर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और एनसीडी स्क्रीनिंग भी की। जिला कार्यक्रम प्रबंधक मणि भूषण झा ने बताया कि आशा, एएनएम और कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की मदद से स्वास्थ्य टीमें 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के निवासियों की सक्रिय रूप से जांच कर रही हैं ताकि संदिग्ध रोगियों को आगे की सहायता के लिए चिकित्सा संस्थानों से जोड़ा जा सके।