सावधान! सरकारी अस्पतालों में लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन, होगी जांच

भागलपुर जिला स्वास्थ्य समिति ने जिले के सरकारी अस्पतालों में काम कर रही आउटसोर्स एजेंसियों की औपचारिक समीक्षा शुरू कर दी है। अस्पतालों में जनरेटर रखरखाव, खान-पान (कैटरिंग), साफ-सफाई और लॉन्ड्री जैसी सेवाओं में अनियमितताओं और शिकायतों के बाद सिविल सर्जन ने गहन जांच के आदेश दिए हैं।
मुख्य बातें:
- आउटसोर्स एजेंसियों के कामकाज की होगी जांच।
- एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश।
- लापरवाही बरतने वाली एजेंसियों पर होगी कड़ी कार्रवाई।
- जीविका समूहों को इस जांच से रखा गया है बाहर।
एक हफ्ते में मांगी गई रिपोर्ट
सिविल सर्जन ने सभी अस्पताल अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर इन निजी एजेंसियों के प्रदर्शन पर विस्तृत रिपोर्ट जमा करें। इस निर्देश में साफ किया गया है कि यह समीक्षा केवल निजी वेंडरों के लिए है और इसमें 'जीविका' समूहों को शामिल नहीं किया गया है। जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार, जो भी एजेंसी लापरवाही, खराब सेवा गुणवत्ता या तय मानकों का पालन न करने की दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
सिविल सर्जन कार्यालय ने बताया कि विभिन्न अस्पतालों से इन एजेंसियों के कामकाज को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके अलावा, सेवा प्रदाताओं के प्रदर्शन से जुड़ी रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भी भेजी गई थी, जिसके बाद मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए यह जिलाव्यापी ऑडिट शुरू किया गया है।