शबाश! भागलपुर में शिक्षा में सुधार लाने वाले 25 शिक्षक सम्मानित

भागलपुर में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने वाले 25 शिक्षकों को शनिवार को शिक्षक दिवस के मौके पर सम्मानित किया गया। यह 'शिक्षक सम्मान समारोह 2026' जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के सभागार में हुआ, जहां जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) ने पुरस्कार दिए।
सम्मानित शिक्षकों को स्कूल की स्थिति और बच्चों की पढ़ाई सुधारने के लिए सराहा गया। इसमें कंप्यूटर से हाजिरी, डिजिटल हाजिरी रजिस्टर, हर महीने परीक्षा लेना, बच्चों का स्कूल में दाखिला बढ़ाना और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करना शामिल है।
सम्मानित होने वाले शिक्षकों के नाम
समानित होने वाले शिक्षकों में सुमन कुमारी (प्रधानाध्यापक, आरवीएसजीएमएस मिरजानहाट), डॉ. मोहम्मद इमरान आलम (एलएन इंटर स्कूल मलिकपुर), आतिश कुमार (मध्य विद्यालय सेनो), सुमन कुमार मंडल (उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय मुक्तपुर), पवन कुमार झा (बालिका उच्च विद्यालय सोनवर्षा), तारकेश्वर ठाकुर (प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर साउथ टोला), फूल कुमारी (मध्य विद्यालय दिननगर), चंद्रशेखर चौधरी (कृष्णानंद सूर्यमल इंटर मॉडल स्कूल), रीना चौधरी (प्राथमिक विद्यालय मुस्लिम टोला) और पूजा कुमारी (मध्य विद्यालय नयागांव) शामिल हैं।
अन्य सम्मानित शिक्षकों में भारत कुमार (मध्य विद्यालय मधुबन ओला), अमित कुमार (उर्दू प्राथमिक विद्यालय राजपुर), भवानी कुमारी झा (मध्य विद्यालय कोयली), अर्जुन केसरी (प्राथमिक विद्यालय मृधाचक आदिवासी टोला), सौरभ कुमार (उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर), विवेकानंद सिंह (प्राथमिक विद्यालय नया टोला ओलापुर), और विशाल कुमार सिन्हा व कुमारी अनामिका वर्मा (इंटर-स्तरीय सहसहाय बालिका स्कूल) शामिल हैं।
इसके अलावा, सम्मानित शिक्षकों की सूची में अमृता कुमारी (रामधारी इंटर-स्तरीय हाई स्कूल टेटरी पकरा), मोनलिसा (उत्क्रमित मध्य विद्यालय खैरा), मोहम्मद इमरान आजाद (केएल हाई स्कूल नारायणपुर), कुमारी किरण (राजकीय मध्य विद्यालय करक्षेत्र), डॉ. शैल प्रज्ञा (इंटर स्कूल खरीक), श्वेता रानी (उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय उस्मानपुर) और राजकुमार आनंद (उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय सिलहन) के नाम भी शामिल हैं।
इस समारोह के जरिए प्रशासन ने पढ़ाई में सुधार, तकनीक के इस्तेमाल और बच्चों का दाखिला व उपस्थिति बढ़ाने के तरीकों पर जोर दिया। इस कार्यक्रम का मकसद दूसरे स्कूलों को भी ऐसी ही नई शिक्षा प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।