भागलपुर के अस्पतालों में इलाज के रेट लिस्ट नहीं दिखने से मरीज परेशान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बिहार समेत सभी राज्यों को मेडिकल इलाज और जांच के रेट साफ-साफ दिखाने का आदेश दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बिहार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्वास्थ्य खर्च बताने के नियमों की जांच करने को कहा है। आदेश में कहा गया है कि रेट चार्ट अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं में साफ दिखने चाहिए ताकि मरीजों और उनके परिवारवालों को इलाज के खर्च की पूरी जानकारी मिल सके। 12 अक्टूबर को नोटिस जारी होने के बावजूद भागलपुर में नियमों का पालन बहुत खराब है। जिले के प्राइवेट अस्पतालों और जांच केंद्रों ने एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, एंजियोग्राफी, एक्स-रे और पैथोलॉजी टेस्ट के रेट चार्ट नहीं दिखाए हैं। सरकारी मायागंज और सदर अस्पतालों के अंदर चल रहे प्राइवेट एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्रों ने अपने रेट दिखाए हैं, लेकिन ज्यादातर प्राइवेट जगहों पर ऐसा नहीं है, जिससे मरीज पहले से इलाज का खर्च नहीं जान पा रहे हैं। यह केंद्रीय आदेश क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 और 2012 के तहत दिया गया है।