भागलपुर में बुजुर्गों का सम्मान, जानिए क्यों समाज के लिए जरूरी हैं वे

MyBhagalpur Team1 October 20261 min read0 viewsBihar
भागलपुर में बुजुर्गों का सम्मान, जानिए क्यों समाज के लिए जरूरी हैं वे

भागलपुर में 1 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुजुर्गों के कल्याण और सम्मान के लिए कई शैक्षणिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रो. डॉ. फारूक अली ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को बोझ नहीं बल्कि समाज के लिए महत्वपूर्ण संसाधन माना जाना चाहिए। इस कार्यक्रम में तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के पूर्व कुलपति और कई प्रमुख स्थानीय लोग शामिल हुए, और बुजुर्गों को सम्मानित करने का समारोह भी आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य

यह व्याख्यान श्रृंखला सफाली संस्था, न्यूट्रिशन सोसाइटी ऑफ इंडिया के भागलपुर चैप्टर और पोस्ट ग्रेजुएट होम साइंस, डाइट एंड न्यूट्रिशन डिपार्टमेंट के संयुक्त प्रयासों से आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम की घोषणा मूल रूप से 22 सितंबर 2026 को की गई थी, जिसे बढ़ती उम्र की आबादी के लिए पोषण, स्वास्थ्य और जीवन शैली के प्रबंधन के महत्व के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। मुख्य व्याख्यान के अलावा, 'साहित्य सफर' संगठन ने 'हम और हमारे बुजुर्ग' शीर्षक से एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया, जिसमें बुजुर्गों को देश की विरासत के रूप में रेखांकित किया गया।

आसपास के जिलों में हुए अन्य आयोजन

मुंगेर जैसे पड़ोसी क्षेत्रों में भी ऐसे ही आयोजन हुए, जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों और गरिमा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया। इसके अलावा, युवा मामले और खेल मंत्रालय तथा मेरा युवा भारत-बोकारो पहल के तत्वावधान में चास के वृद्धा सेवा आश्रम में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में सरकारी सामाजिक सुरक्षा पेंशन की जानकारी दी गई और हेल्प एज इंडिया के समन्वय से 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए।

MyBhagalpur की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment