भागलपुर में HRMS पोर्टल के जरिए 98.12 लाख का बड़ा वेतन घोटाला!

बिहार के भागलपुर जिला शिक्षा विभाग में 98 लाख 12 हजार रुपये से ज्यादा का बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। इसमें सुलतानगंज की एक फर्जी शिक्षिका 'तनु श्री' के नाम पर HRMS पोर्टल के जरिए अवैध वेतन भुगतान किया गया। मई 2025 से जुलाई 2026 के बीच फर्जी PRAN और बैंक खाता बनाकर HRMS पोर्टल से अवैध मकान किराया भत्ता और वेतन निकाला गया। अवैध रूप से निकाली गई कुल राशि 98,12,773 रुपये है। जिलाधिकारी और क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (RDDE) सुभाष कुमार गुप्ता द्वारा 9 अक्टूबर को सौंपी गई संयुक्त जांच रिपोर्ट के बाद राज्य शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) चंदन कुमार को निलंबित कर दिया गया है, जिन्हें पहले पुलिस ने बॉन्ड भरवाकर छोड़ा था। इसके अलावा, जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) शशि चंदन चौधरी, जिन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, उन्हें भी सेवा से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की अवधि में DEO का मुख्यालय पूर्णिया और DPO का मुख्यालय दरभंगा प्रमंडल स्थित क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय तय किया गया है। RDDE की शिकायत पर जोगसर थाने में दोनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच में प्रशासनिक नियमों में बड़ी चूक का खुलासा हुआ है, खासकर वित्त विभाग के पत्र संख्या 2684 के तहत अनिवार्य 'मेकर-चेकर' प्रणाली का पालन नहीं किया गया। स्थापना शाखा में प्रधान लिपिक के उपलब्ध होने के बावजूद, वेतन सत्यापन की जिम्मेदारी समान रैंक के लिपिकों को दी गई और वरिष्ठता नियमों को दरकिनार किया गया। ऑपरेटर अविनाश राज के खिलाफ पहले की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद भी अवैध निकासी के लिए उसके लॉगिन क्रेडेंशियल के इस्तेमाल की जांच भी जारी है। पटना और सुपौल में पहले आए ऐसे मामलों के बाद, बिहार सरकार ने भविष्य की गड़बड़ियों को रोकने के लिए HRMS पोर्टल के सभी डेटा के 100 प्रतिशत गहन ऑडिट का आदेश दिया है। इसके अलावा, महालेखाकार (AG) की रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर में वेतन भुगतान और पोर्टलों की व्यापक समीक्षा की जा रही है।