बड़ी खबर: बाढ़ से सहमा भागलपुर-जमालपुर रेल खंड, ट्रेनों की रफ्तार थमी

गंगा नदी में बाढ़ के पानी के कारण पूर्व रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। कहलगांव-भागलपुर-जमालपुर रेल खंड पर ट्रेनों की रफ्तार थमी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
- मुंगेर और भागलपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
- कई रेलवे पुलों पर पानी का गंभीर स्तर बना हुआ है।
- सुरक्षा के लिए ट्रेनों की गति पर नियंत्रण किया गया है।
- संवेदनशील पुलों पर 24 घंटे वॉचमैन तैनात हैं।
रेलवे अधिकारियों की निगरानी और निर्देश
मुंगेर और भागलपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से क्रमशः 0.75 मीटर और 0.92 मीटर ऊपर बह रही है, जिसके चलते कई रेलवे पुलों पर पानी का स्तर गंभीर बना हुआ है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक सुश्री गीतिका पांडेय और डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता के निर्देशन में व्यापक एहतियाती उपाय लागू किए गए हैं।
पुलों पर गति प्रतिबंध और सुरक्षा के उपाय
भारतीय रेलवे ब्रिज मैनुअल के तहत प्रभावित पुलों पर गति प्रतिबंध लागू किया गया है। ब्रिज संख्या 130, 135, 144A, 181, 188, 195, 197 और 198 पर ट्रेनों को 30 किमी/घंटा और ब्रिज संख्या 145ए पर 20 किमी/घंटा की सीमित रफ्तार से चलाया जा रहा है। रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने बुधवार को बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए संवेदनशील पुलों पर 24 घंटे वॉचमैन तैनात किए गए हैं। पूरे खंड में पेट्रोलमैन द्वारा पैदल गश्त की जा रही है और हर घंटे जलस्तर की रिकॉर्डिंग हो रही है। मुख्य पुल इंजीनियर सहित वरिष्ठ अधिकारी भागलपुर में कैंप कर जमीनी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। बरियारपुर में आपात स्थिति के लिए मानसून रिजर्व सामग्री और मशीनरी तैयार रखी गई है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि खतरा बढ़ने पर रेल परिचालन को तत्काल निलंबित भी किया जा सकता है।