भागलपुर जिले के गोराडीह प्रखंड में जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने सोमवार को जीविका सुधा बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र का संचालन चंदा दीदी द्वारा किया जाएगा। ज्योति जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य चंदा देवी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका सुधा बिक्री केंद्र उपलब्ध कराया गया है। योजना के तहत इन्हें द्वितीय और तृतीय किस्त के रूप में 60 हजार रुपए की अनुदान राशि सुधा बिक्री केंद्र के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुधा देवी ने बताया कि सुधा बिक्री केंद्र के रूप में इन्हें आजीविका का साधन उपलब्ध हुए हैं।
- जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय द्वारा गोराडीह प्रखंड में जीविका सुधा बिक्री केंद्र का उद्घाटन
- चंदा देवी को मिला मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत केंद्र
- ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सुधा एवं जीविका के संयुक्त तत्वावधान में भागलपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन बिक्री केंद्रों का संचालन जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ करेंगी। अब तक जिले की 200 से अधिक पंचायतों में जीविका दीदियों का चयन किया जा चुका है। इस पहल से जहां एक ओर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर सुधा के दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद ग्रामीण उपभोक्ताओं तक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।
जीविका-सुधा बिक्री केंद्र के लिए चयनित महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत
60,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त लाभार्थी महिला को
15,000 रुपये का अंशदान स्वयं करना होगा। इस प्रकार कुल
75 हजार रुपये की पूँजी का उपयोग डीप फ्रीजर, विजी कूलर, परिवहन सहायता सहित डेयरी उत्पादों की खरीद सहित अन्य आवश्यक पूंजीगत व्ययों के लिए किया जाएगा, जिससे बिक्री केंद्र का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।
इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक महिला के पास पंचायत क्षेत्र में स्वयं की अथवा किराये की दुकान होना आवश्यक है। दुकान का क्षेत्रफल
न्यूनतम 70 वर्ग फुट होना चाहिए। साथ ही दुकान में बिजली की समुचित व्यवस्था एवं सड़क संपर्क उपलब्ध होना अनिवार्य है, ताकि उत्पादों का भंडारण एवं ग्राहकों की आवाजाही सुगमता से हो सके। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत में जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी इच्छुक महिलाएं आवेदन करेंगी। प्राप्त आवेदनों के आधार पर संबंधित जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र महिला का चयन किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। साथ ही यह योजना महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी।