मायागंज अस्पताल में बड़ी ठगी, डॉक्टर के नाम पर 4 हजार वसूले

भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में ऑर्थोपेडिक विभाग के भीतर दलालों की सक्रियता को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। मंगलवार को इशकचक की रहने वाली बबिता देवी की बेटी पूजा कुमारी ने अस्पताल के अधीक्षक डॉ. एच.पी. दुबे को एक लिखित शिकायत दी।
- अस्पताल के डॉक्टरों ने मुफ्त इलाज का वादा किया था
- अमर कुमार नामक दलाल ने 4,000 रुपये वसूले
- रुपये 'विशेष सीमेंट' के नाम पर लिए गए
शिकायत और ऑनलाइन भुगतान
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों द्वारा मुफ्त इलाज का वादा करने के बावजूद, अमर कुमार नामक एक दलाल ने परिवार को 4,000 रुपये देने के लिए मजबूर किया। अपने परिवार का भरण-पोषण करने में संघर्ष कर रही पीड़िता को बताया गया कि यह राशि हिप प्लास्टर के लिए 'विशेष सीमेंट' खरीदने के वास्ते जरूरी है। यह पैसा 'गुरु कृपा सर्जिकल एंड मेडिकल' से जुड़े एक रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था। अस्पताल के अन्य मरीजों ने कथित तौर पर परिवार को चेतावनी दी थी कि दलाल को भुगतान न करने पर चिकित्सा देखभाल में जानबूझकर देरी की जाएगी।
अस्पताल का पुराना इतिहास
यह घटना मायागंज अस्पताल में भ्रष्टाचार के चिंताजनक इतिहास को बढ़ाती है। जुलाई 2026 में, सीसीटीवी फुटेज के जरिए एक लैब तकनीशियन को 'ब्लड टाउट' के रूप में पहचाना गया था। इसके बाद ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अजय प्रताप ने अधीक्षक से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में आर्थोपेडिक विभाग को इन आरोपों का सामना करना पड़ा था कि एक डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए 40,000 रुपये की घूस मांगी, जिससे एक मरीज को बिना इलाज के दो बार ऑपरेशन थिएटर से वापस भेज दिया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा है कि नवीनतम मामले की गहन जांच चल रही है।