भागलपुर JLNMCH में बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं: डायलिसिस केंद्र में अव्यवस्था और बेड की भारी किल्लत

भागलपुर के जेएलएनएमसीएच (JLNMCH) अस्पताल के डायलिसिस केंद्र में मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता को लेकर गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। केंद्र में दो नेफ्रोलॉजिस्ट हैं, जिनमें से एक नियमित रहते हैं जबकि दूसरे महीने में केवल एक बार आते हैं, जिससे मरीजों का सही फॉलोअप नहीं हो पाता। साथ ही, केंद्र में साफ-सफाई की कमी के कारण मरीजों को संक्रमण का खतरा बना रहता है। मरीजों का आरोप है कि अटेंडेंट बिना रोक-टोक अंदर आ जाते हैं, जिससे हाइजीन व्यवस्था और बिगड़ जाती है।
सोमवार को केंद्र की अव्यवस्था तब दिखी जब सुबह और दोपहर की शिफ्ट में आठ-आठ मरीजों को बुलाया गया, लेकिन चालू मशीनें केवल सात थीं। इस कारण मरीजों को काफी परेशानी हुई। सेंटर इंचार्ज राकेश कुमार ने इसे स्लॉट बुकिंग की गलती बताया। इसके अलावा, टेक्नीशियन की कमी के कारण सुबह डायलिसिस समय से शुरू नहीं हो सका। मरीजों ने यह भी शिकायत की कि बिजली कटने के बाद जनरेटर देर से चालू होता है, जिससे मशीन बंद होने पर ब्लड क्लॉथ होने का खतरा रहता है। इस मामले पर उपाधीक्षक डॉ. सुरेश प्रसाद ने कहा कि जानकारी मिलने पर वे इसकी जांच कराएंगे।
दूसरी ओर, मायागंज अस्पताल के फैब्रिकेटेड वार्ड में भी स्थिति चिंताजनक है। सोमवार दोपहर मरीजों का दबाव बढ़ने से व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। 25 से अधिक मरीज बेड के इंतजार में रहे और कई लोगों को दो घंटे तक स्ट्रेचर पर ही रहना पड़ा। खरीक की मीणा देवी, जिन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, उन्हें स्ट्रेचर न मिलने के कारण फर्श पर बैठना पड़ा। इसी तरह पेट की बीमारी से पीड़ित छह यादव भी लंबे समय तक स्ट्रेचर पर इंतजार करते रहे। स्वास्थ्य मैनेजर अभिषेक ने मरीजों की संख्या अधिक होने को इस स्थिति का कारण बताया है।