भागलपुर में डॉक्टरों की कमी से 51 आईसीयू बेड बेकार, मरीजों को परेशानी

MyBhagalpur Team5 September 20262 min read25 viewsHealth
भागलपुर में डॉक्टरों की कमी से 51 आईसीयू बेड बेकार, मरीजों को परेशानी

भागलपुर के मायागंज अस्पताल यानी जेएलएनएमसीएच और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी है। इसके कारण 51 आईसीयू बेड चालू नहीं हो पा रहे हैं और गंभीर मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

  • सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का 30 बेड का आईसीयू वार्ड डॉक्टरों और नर्सों की कमी से बंद है।
  • मायागंज अस्पताल के 45 बेड के आईसीयू में से सिर्फ 24 पर इलाज हो रहा है, 21 बेड खाली पड़े हैं।
  • अस्पताल अधीक्षक ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र लिखकर स्टाफ की मांग की है।

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में बंद है आईसीयू

करोड़ों रुपये की लागत से बने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में 30 बेड का आईसीयू वार्ड खाली पड़ा है। इस वार्ड को शुरू करने के लिए कम से कम 10 सीनियर रेजिडेंट, 40 नर्स और 10 एनेस्थेटिस्ट की जरूरत है। स्टाफ न होने के कारण गंभीर मरीजों को यहां भर्ती नहीं किया जा रहा है।
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मायागंज अस्पताल में भी आईसीयू की स्थिति खराब

इसी तरह मुख्य जेएलएनएमसीएच यानी मायागंज अस्पताल का आईसीयू भी समस्याओं से जूझ रहा है। यहाँ कुल 45 बेड हैं लेकिन स्टाफ की कमी के कारण केवल 24 का ही इस्तेमाल हो रहा है और 21 बेड बंद हैं। इस तरह भागलपुर में कुल 51 आईसीयू बेड मरीजों के लिए उपलब्ध नहीं हैं।

अधिकारियों ने दिया आश्वासन

जेएलएनएमसीएच के अधीक्षक डॉ. एपी दुबे ने बताया कि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सचिव से स्टाफ की मांग की है। सचिव ने आश्वासन दिया है कि स्टाफ की कमी को जल्द दूर किया जाएगा जिससे मरीजों की बेड की समस्या हल हो जाएगी।

परिजनों की बढ़ती परेशानी

मायागंज अस्पताल में गंभीर मरीजों के परिजनों को बेड पाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। सेहत बिगड़ने के डर से कई बार मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में ले जाना पड़ता है। आईसीयू बेड की भारी मांग के कारण जनप्रतिनिधि और प्रभावशाली लोग भी सिफारिश करते हैं जिससे अस्पताल प्रशासन पर दबाव रहता है। इसके अलावा चार बेड वीआईपी मरीजों के लिए आरक्षित हैं जिससे आम जनता के लिए बेड और कम हो जाते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि केवल बेड होने से काम नहीं चलता, बल्कि इलाज के लिए डॉक्टर और नर्स का होना जरूरी है।

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