भागलपुर में कुआं पुल बंद होने से मचा हाहाकार, भूख हड़ताल शुरू

MyBhagalpur Team27 October 20262 min read0 viewsBihar
भागलपुर में कुआं पुल बंद होने से मचा हाहाकार, भूख हड़ताल शुरू

एनएच-80 पर स्थित ऐतिहासिक कुआं पुल तीन महीने से बंद है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस खबर के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: कुआं पुल तीन महीने से पूरी तरह ठप है, प्रशासन की लापरवाही के कारण मरम्मत का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है, राजद नेता जनार्दन आजाद ने अनुमंडल कार्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है, कहलगांव और पीरपैंती समेत लाखों की आबादी प्रभावित है।

पुल की जर्जर स्थिति और तकनीकी खामियां

जांच रिपोर्ट के अनुसार, 60 साल से भी अधिक पुराने इस ऐतिहासिक पुल की संरचना बेहद नाजुक हो चुकी है। पुल के लोहे का एक्सपेंशन ज्वाइंट पूरी तरह गायब हो चुका है और इसका बेयरिंग बुरी तरह जाम है। पुल के दक्षिणी हिस्से के पिलर में गहरी दरारें आ चुकी हैं। बाढ़ के दिनों में एक तरफ से गंगा का बैकवाटर और दूसरी ओर से झारखंड के पहाड़ी इलाकों से आने वाले तेज बहाव ने इस पुल को समय से पहले जर्जर कर दिया। वर्तमान में कंक्रीट हटाकर लोहे के हिस्सों को दुरुस्त करने का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, और मौके पर किसी जिम्मेदार इंजीनियर की गैर-मौजूदगी के कारण काम की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

आम जनता और बच्चों की बढ़ गई मुश्किलें

इस मुख्य मार्ग के बंद हो जाने से कहलगांव, पीरपैंती, विक्रमशिला और साहिबगंज की लाखों की आबादी प्रभावित हुई है। यात्री और आम नागरिकों को भागलपुर मुख्यालय जाने के लिए 15 से 20 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है। स्कूली बच्चे संत जोसफ, डीएवी, और केंद्रीय विद्यालय जैसे बड़े स्कूलों के लगभग 10 हजार बच्चों की पढ़ाई बाधित है। बच्चों को दोनों तरफ गाड़ियां बदलनी पड़ती हैं और जान जोखिम में डालकर पैदल पुल पार करना पड़ता है, जिससे रोज 2 घंटे अतिरिक्त बर्बाद हो रहे हैं। गंभीर मरीजों को लेकर जाने वाली एंबुलेंस लंबे रास्तों और सबौर-लोदीपुर के भीषण जाम में फंस रही हैं, जिससे समय पर इलाज मिलना नामुमकिन हो गया है।

व्यापार पर असर और राजनीतिक बयानबाजी

कहलगांव और पीरपैंती का स्थानीय बाजार पूरी तरह ठप होने की कगार पर है। मिर्जाचौकी का पत्थर उद्योग प्रभावित हुआ है और मालवाहक ट्रकों के न आने से खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। उधर कुआं पुल के बंद होने के बाद जिले की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने पथ निर्माण विभाग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है। स्थानीय विधायक इंजीनियर शुभानंद मुकेश ने भी तकनीकी अधिकारियों की खिंचाई करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में जब एनएच-80 के चौड़ीकरण का काम शुरू हुआ था, तभी डीपीआर बनाते समय पुराने पुल की कम चौड़ाई को लेकर तकनीकी चूक हुई थी। स्थानीय जनता और आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द कोई मजबूत वैकल्पिक रास्ता नहीं दिया और पक्के तौर पर पुल की मरम्मत पूरी नहीं की, तो यह जनांदोलन उग्र रूप ले सकता है।

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