शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को भागलपुर की स्थायी लोक अदालत ने एक पुराने बीमा विवाद को सुलझा लिया। आवेदक मलिक लाल श्रीवास्तव को 16,600 रुपये का मुआवजा चेक दिया गया।
यह मामला साल 2021 की एक दुर्घटना का है जब श्री श्रीवास्तव की मोटरसाइकिल अज्ञात वाहन से टकराकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। एक निजी बीमा कंपनी की पॉलिसी होने के बावजूद, श्री श्रीवास्तव को शुरुआत में वाहन क्षति के लिए उनका क्लेम देने से मना कर दिया गया था।
न्याय पाने के लिए उन्होंने भागलपुर की स्थायी लोक अदालत का दरवाजा खटखटाया। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के प्रावधानों के तहत, अदालत ने बीमा कंपनी को अपनी बेंच के सामने पेश होने का आदेश दिया। कई सुनवाई के बाद,वादी और बीमा कंपनी के बीच आपसी समझौते के माध्यम से विवाद सफलतापूर्वक हल हो गया। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष बीरेंद्र कुमार मिश्रा ने श्री श्रीवास्तव को आधिकारिक रूप से मुआवजा चेक सौंपा। इस अवसर पर बोलते हुए, श्री मिश्रा ने संस्थान की कार्यकुशलता पर प्रकाश डाला और कहा कि स्थायी लोक अदालत एक ऐसा अनूठा तंत्र है जो नागरिकों को तुरंत न्याय दिलाता है और पारंपरिक मुकदमों के वित्तीय बोझ को खत्म करता है।