भागलपुर के नवगछिया में तटबंध की मरम्मत के दौरान लापता हुए दो श्रमिकों के मामले में सांसद अजय कुमार मंडल ने बिहार के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों से 25-25 लाख रुपये की सहायता देने की मांग की है।
- खरीक प्रखंड के राघोपुर में तटबंध टूटने पर हो रहा था फ्लड-फाइटिंग का काम
- 26 अगस्त 2026 को नाव पलटने से सिकंदर मंडल और बादल कुमार मंडल हुए थे लापता
- परिजनों को सरकारी नौकरी और श्रमिकों को शहीद का दर्जा देने की उठी मांग
भागलपुर लोकसभा क्षेत्र के नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत खरीक प्रखंड के राघोपुर में तटबंध टूटने के बाद उत्पन्न गंभीर बाढ़ एवं कटाव की स्थिति के बीच तटबंध की मरम्मत एवं फ्लड-फाइटिंग कार्य के दौरान लापता हुए दो श्रमिकों सिकंदर मंडल एवं बादल कुमार मंडल के मामले को लेकर भागलपुर के सांसद अजय कुमार मंडल ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, पथ निर्माण मंत्री सह विधायक बिहपुर ई० कुमार शैलेंद्र एवं जिलाधिकारी भागलपुर से आवश्यक एवं मानवीय पहल करने का आग्रह किया है। सांसद अजय कुमार मंडल ने मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में कहा है कि राघोपुर में तटबंध की मरम्मत एवं फ्लड-फाइटिंग के दौरान 26 अगस्त 2026 को मजदूरों से भरी नाव पलट गई। हादसे में नाव पर सवार 21 मजदूर सुरक्षित निकल गए, जबकि सिकंदर मंडल एवं बादल कुमार मंडल लापता हो गए। घटना के बाद से दोनों श्रमिकों की तलाश लगातार जारी है।
सांसद ने कहा कि दोनों श्रमिक अपनी जान की परवाह किए बिना बाढ़ से प्रभावित हजारों लोगों के घर, खेत और जान-माल की सुरक्षा के लिए तटबंध को मजबूत करने एवं कटाव रोकने के कार्य में जुटे थे। इस दौरान उन्होंने अपने जीवन को जोखिम में डालकर कर्तव्य का निर्वहन किया उनकी इस साहसिक भूमिका को लेकर पूरे क्षेत्र में गहरी संवेदना है। स्थानीय लोगों की भावना एवं मांग है कि दोनों लापता श्रमिकों को शहीद का दर्जा प्रदान किया जाए तथा उनके परिवारों को उचित सम्मान एवं आर्थिक सुरक्षा दी जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री से मानवीय आधार पर दोनों श्रमिकों के परिजनों को 25-25 लाख की विशेष सहायता राशि प्रदान करने तथा प्रत्येक परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। सांसद ने यह भी कहा कि दोनों श्रमिक अभी आधिकारिक रूप से लापता हैं और उनकी खोजबीन का कार्य जारी है। ऐसे कठिन समय में उनके परिवारों को सरकारी स्तर पर हरसंभव सहयोग एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सांसद ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता एवं दोनों श्रमिकों के परिवारों की स्थिति को देखते हुए उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक निर्णय लिया जाए।