भागलपुर संग्रहालय में शनिवार को स्क्रीन प्रिंटिंग कार्यशाला का दूसरा दिन आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कला और संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 'यूथ एक्सप्रेशन वर्कशॉप सीरीज' का हिस्सा है। इस प्रशिक्षण सत्र में प्रतिभागियों को स्क्रीन प्रिंटिंग का इतिहास, तकनीक, प्रकार, जरूरी सामग्री और रचनात्मक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यशाला के प्रशिक्षक उदय कुमार और जिला कला एवं संस्कृति अधिकारी अंकित रंजन ने प्रशिक्षु कलाकारों के साथ तकनीकी प्रक्रियाओं और इसके रचनात्मक पहलुओं पर चर्चा की। व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षकों ने स्क्रीन, मेश, फ्रेम, स्क्वीजी, इमल्शन, फोटोसेंसिटिव कोटिंग और प्रिंटिंग स्याही जैसी जरूरी सामग्रियों से प्रशिक्षुओं का परिचय कराया।
प्रतिभागियों को स्क्रीन तैयार करने, डिजाइन एक्सपोजर, स्क्रीन को धोने और साफ करने तथा कागज और कपड़े जैसी सतहों पर डिजाइन ट्रांसफर करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया सिखाई गई। उदय कुमार ने फोटोसेंसिटिव इमल्शन और रसायनों को संभालते समय सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर दिया। डिजाइन की स्पष्टता, स्याही की मात्रा, स्क्रीन की गुणवत्ता और स्क्वीजी द्वारा लगाए जाने वाले दबाव जैसे तकनीकी कारकों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रिंट तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण बताया गया। इसके अलावा, प्रशिक्षुओं को रंग संयोजन और एक ही डिजाइन पर कई रंगों के प्रयोग की संभावनाओं के बारे में भी बताया गया।