भागलपुर की निकिता का कमाल: वुशू में जीते 3 नेशनल मेडल, अब मिली सरकारी नौकरी
वुशू में तीन नेशनल मेडल जीतने वाली भागलपुर की निकिता ने स्पोर्ट्स कोटा से सरकारी नौकरी हासिल की। पढ़ें उनकी प्रेरणादायक कहानी।

बिहार के भागलपुर जिले की बेटी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो दुनिया की कोई भी बाधा आपको सफल होने से नहीं रोक सकती। बरारी के ब्राह्मण पश्चिम टोला की रहने वाली निकिता ने वुशू मार्शल आर्ट्स में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए तीन नेशनल मेडल जीते हैं। उनकी इसी शानदार उपलब्धि और खेल के प्रति समर्पण का नतीजा है कि अब उन्हें स्पोर्ट्स कोटा के जरिए सरकारी नौकरी मिल गई है। भागलपुर की निकिता वुशू की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि जिले के अन्य युवाओं के लिए भी एक मिसाल पेश की है।
निकिता का यह सफर आसान नहीं था। जब उन्होंने मार्शल आर्ट्स की दुनिया में कदम रखा, तो उन्हें कई सामाजिक चुनौतियों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने इन मुश्किलों को अपनी कमजोरी बनाने के बजाय अपनी ताकत बनाया और उन्हीं तानों को प्रेरणा में बदलकर नेशनल लेवल पर मेडल हासिल किए।
बचपन से शुरू हुआ था संघर्ष और ट्रेनिंग
निकिता की खेलों के प्रति रुचि बहुत कम उम्र में ही जाग गई थी। उन्होंने साल 2006 में, महज सात-आठ साल की उम्र में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी। उनकी इस सफलता के पीछे उनके गुरुओं का बड़ा हाथ रहा है। माउंट कार्मेल स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर राजेश कुमार साह और असिस्टेंट कोच राजीव रंजन ने उन्हें सही दिशा दिखाई और पेशेवर ट्रेनिंग दी, जिससे निकिता अपनी खेल प्रतिभा को निखार सकीं।
सरकारी नौकरी मिलने के बाद भी निकिता के सपने यहीं खत्म नहीं हुए हैं। उनका लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और देश के लिए पदक जीतना है। इसके साथ ही, वह समाज की अन्य लड़कियों को भी प्रेरित कर रही हैं और उन्हें आत्मरक्षा (self-defense) की ट्रेनिंग लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, ताकि वे सुरक्षित और सशक्त बन सकें।