भागलपुर: अब PHC और CHC में होगी ऑनलाइन ECG जांच, दिल की बीमारियों का होगा जल्द पता
भागलपुर के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अब ऑनलाइन ECG जांच की सुविधा मिलेगी, जिससे हृदय रोगों का पता तेजी से चलेगा।

भागलपुर के स्वास्थ्य ढांचे में एक बड़ा बदलाव आया है। अब जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में मरीजों को हृदय संबंधी समस्याओं की जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इन केंद्रों पर भागलपुर ऑनलाइन ईसीजी सेवा की शुरुआत की है, ताकि दिल की बीमारियों की पहचान समय रहते की जा सके और मरीजों का तुरंत इलाज शुरू हो सके।
यह पूरी प्रक्रिया नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर, डायबिटीज, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज एंड स्ट्रोक (NP-NCD) स्क्रीनिंग के तहत चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है जिनमें हाई ब्लड प्रेशर जैसे लक्षण दिख रहे हैं। गैर-संचारी रोग अधिकारी डॉ. पंकज कुमार मनस्वी ने बताया कि इस स्क्रीनिंग प्रोग्राम का मकसद उन बीमारियों को पकड़ना है जिनके लक्षण शुरू में नहीं दिखते, लेकिन बाद में वे जानलेवा साबित हो सकते हैं। वर्तमान में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सीने में दर्द या लगातार हाई ब्लड प्रेशर वाले मरीजों को स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर किया जा रहा है।
पटना के विशेषज्ञ करेंगे रिपोर्ट की जांच, 15 मिनट में मिलेगा रिजल्ट
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्रणाली है। केंद्रों पर 12-लीड ईसीजी सिस्टम लगाया गया है, जो इंटरनेट के जरिए जुड़ा हुआ है। इसकी कार्यप्रणाली कुछ इस तरह है:
- प्रशिक्षित नर्स या स्वास्थ्य कर्मी मरीज की ईसीजी जांच करेंगे।
- जांच का डेटा तुरंत पटना स्थित सेंट्रलाइज्ड फैसिलिटी को भेज दिया जाएगा।
- पटना में बैठे विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट इस डेटा की समीक्षा करेंगे।
- मात्र 10 से 15 मिनट के भीतर क्लिनिकल नोट्स के साथ रिपोर्ट वापस संबंधित स्वास्थ्य केंद्र को भेज दी जाएगी।
इस त्वरित रिपोर्टिंग की मदद से स्थानीय डॉक्टर तुरंत फैसला ले पाएंगे कि मरीज को वहीं दवा देनी है या उसे किसी बड़े अस्पताल में रेफर करना है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वीरेंद्र कुमार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर ईसीजी की उपलब्धता से निदान आसान हो गया है। इससे न केवल गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि उन लोगों को भी अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी जिनका सीने में दर्द दिल की बीमारी से संबंधित नहीं है और जिनकी ईसीजी रिपोर्ट नॉर्मल आती है।
गौरतलब है कि बिहार में पिछले 18 महीनों के दौरान अब तक 12 लाख से अधिक ईसीजी टेस्ट किए जा चुके हैं, जो राज्य में हृदय रोगों के प्रति बढ़ती सतर्कता को दर्शाता है।