भागलपुर बना नया फिल्मी hub, जानिए कैसे मिली शानदार शुरुआत

MyBhagalpur Team25 October 20262 min read0 viewsDevelopment and good news
भागलपुर बना नया फिल्मी hub, जानिए कैसे मिली शानदार शुरुआत

बिहार सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति के तहत भागलपुर बॉलीवुड और ओटीटी फिल्मकारों के लिए एक प्रमुख स्थान के रूप में उभर रहा है। कला, संस्कृति और युवा विभाग तथा बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम द्वारा इस पहल का नेतृत्व किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में राज्य भर के 111 चिन्हित शूटिंग स्थलों की फोटोग्राफी और वीडियो का डिजिटलアーカイブ तैयार करना शामिल है, जो अब विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। - भागलपुर के विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर, बटेश्वर स्थान, कहलगांव के गंगा घाट और पहाड़ियां, बूढ़ानाथ मंदिर, अजगैबीनाथ मंदिर, बरारी सीढ़ी घाट, और मखदूम शाह की मजार को प्रमुखता से चुना गया है। - जिला कला और संस्कृति अधिकारी अंकित रंजन के अनुसार, इन स्थलों को विश्व स्तरीय पर्यटन अनुभव देने के लिए विकसित किया जा रहा है। - जिले के प्रसिद्ध सिल्क उद्योग और मंजूषा कला को भी सांस्कृतिक प्रोत्साहन रणनीति में शामिल किया जा रहा है।

फिल्म प्रोत्साहन नीति और निवेश

25 अक्टूबर 2026 तक, बिहार सरकार की फिल्म प्रोत्साहन नीति ने काफी रुचि आकर्षित की है, जिसमें दिसंबर में 15 से अधिक फिल्म परियोजनाओं के उत्पादन शुरू होने की योजना है, जो 100 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश का प्रतिनिधित्व करती है। मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और उदार सब्सिडी के प्रावधान ने बिहार को एक नया राष्ट्रीय फिल्म केंद्र बना दिया है। क्षेत्रीय भाषा की फिल्में जैसे भोजपुरी, मैथिली, मगही, अंगिका और बज्जिका उत्पादन लागत का 50% तक अनुदान प्राप्त करने के लिए पात्र हैं, जिसकी अधिकतम सीमा 4 करोड़ रुपये है, जबकि हिंदी और अंग्रेजी भाषा की फिल्में 25% तक वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकती हैं। अतिरिक्त प्रोत्साहन में बिहार की संस्कृति को दिखाने वाली कहानियों के लिए 2 करोड़ रुपये तक, मुख्य भूमिकाओं में तीन स्थानीय कलाकारों को कास्ट करने के लिए 25 लाख रुपये और स्थानीय सहायक कलाकारों के लिए 1 लाख रुपये शामिल हैं।

पर्यटन विकास और उच्च स्तरीय बैठक

जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पर्यटन के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास की रणनीति बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन और भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान की एक संयुक्त टीम ने कहलगांव से लेकर चंपानगर के जुलाहा हब तक के क्षेत्र का सर्वेक्षण किया है ताकि आगे की पर्यटन विकास क्षमता का आकलन किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, क्षेत्रीय कलाकारों को रोजगार प्रदान करना और राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्र पर जिले की उपस्थिति को बढ़ाना है।

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