भागलपुर रेलवे स्टेशन का 21 करोड़ का गंगा जल प्रोजेक्ट अटका

भागलपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रीटेड गंगा जल पहुंचाने और जमीन से पानी निकालने को कम करने वाला प्रोजेक्ट सितंबर की समय सीमा पार करने के बाद भी रुक गया है। 21 करोड़ रुपये की इस योजना की देखरेख गति-शक्ति यूनिट कर रही है, जो जल संसाधन विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलने में देरी के कारण पूरी नहीं हो पाई है। पूर्वी रेलवे ने सर्वे, मिट्टी की जांच और नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा से मंजूरी का काम पूरा कर लिया था, लेकिन अगस्त 2024 में काम शुरू होने के बाद प्रगति रुक गई। हालांकि नियुक्त एजेंसी ने काम चालू दिखाने के लिए बरारी के पास एक छोटी लाइन के किनारे कुछ पाइप बिछाए हैं, लेकिन मुख्य प्रोजेक्ट अभी भी बंद पड़ा है। प्रोजेक्ट के डिजाइन में बरारी में रेलवे की जमीन पर एक इनटेक वेल का निर्माण शामिल है, जहां गंगा जल को साफ किया जाएगा और पाइपलाइन के जरिए स्टेशन तक पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य ट्रेनों की धुलाई के लिए डीप बोरिंग पर निर्भरता को खत्म करना और यात्रियों तथा रेलवे कॉलोनी के कर्मचारियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।