भागलपुर के समीक्षा भवन में गुरुवार को समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान के तहत एक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया और इसमें विभागीय अधिकारी भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम में जिले की लगभग 3,000 महिलाओं को आर्थिक सहायता की दूसरी किस्त बांटी गई। सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाना है।
लाभान्वित महिलाओं ने अपनी खुशी जाहिर की और बताया कि उन्होंने पहली किस्त का पैसा छोटा बिजनेस शुरू करने या बढ़ाने में लगाया था। पवन जीविका स्व-सहायता समूह की सचिव
सुनीता देवी ने बताया कि वह पहले गृहणी थीं, लेकिन जीविका समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने सिलाई सीखी और पहली किस्त के पैसों से किराने की दुकान शुरू की। अब वह दूसरी किस्त के पैसों से अपनी दुकान को और बड़ा करना चाहती हैं।
शिवा समूह की सदस्य
सुजिता कुमारी ने कहा कि उन्हें पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये मिले थे, जिससे उन्होंने ब्यूटी पार्लर शुरू किया। वह दूसरी किस्त के पैसों से और सामान खरीदकर अपनी सेवाएं बढ़ाना चाहती हैं। मां गायत्री जीविका स्व-सहायता समूह की सदस्य
नीतू देवी ने शुरुआती 10,000 रुपये से चाट स्टॉल शुरू किया था और अब उन्हें मुनाफा हो रहा है। वह दो बच्चों की अकेली परवरिश करने वाली विधवा हैं, और अब सुधा मिल्क पार्लर खोलने के लिए उन्हें दूसरी किस्त में 60,000 रुपये मिलने जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह कमाई उनके परिवार के भरण-पोषण के लिए बहुत जरूरी है। सभी महिलाओं ने माना कि सरकार की इस मदद से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और भविष्य के लिए व्यापार बढ़ाने का बड़ा मौका मिला है।