भागलपुर में खूबसूरत शाम तो बांका के किसानों पर मंडराया धान की फसल का खतरा

MyBhagalpur Team29 September 20261 min read7 viewsBihar
भागलपुर में खूबसूरत शाम तो बांका के किसानों पर मंडराया धान की फसल का खतरा

सोमवार, 29 सितंबर 2026 को भागलपुर में एक बहुत ही सुंदर और आकर्षक शाम देखने को मिली, जब शहर का आसमान डूबते सूरज की लाली से नारंगी और लाल रंग में रंग गया। जहाँ एक तरफ शहर के लोगों ने इस खूबसूरत नजारे का आनंद लिया, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी जिले बांका में किसानों की चिंता बढ़ गई है। बांका के शंभूगंज में किसानों ने देखा है कि धान की रोपाई के सिर्फ 100 दिन बाद ही फसलों में दाने निकलने लगे हैं। इस समय से पहले हो रहे विकास ने स्थानीय किसानों के मन में फसल की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा कर दी है।

बांका के किसानों की चिंताएं

किसानों को डर है कि अगर इस इलाके में तेज हवा के साथ भारी बारिश होती है, तो समय से पहले आए इन दानों के भारी वजन के कारण फसलें खेतों में गिर सकती हैं। इसके अलावा, कई जगहों पर खरपतवार का बढ़ना भी धान की कुल पैदावार के लिए खतरा बना हुआ है।

मौसम और खेती की मुश्किलें

यह घटना जिले में खेती की उथल-पुथल भरी स्थितियों के बाद सामने आई है। 24 सितंबर 2026 को बांका में हुई भारी बारिश को शुरुआत में फसलों के लिए वरदान माना गया था, हालांकि किसानों ने चिंता जताई थी कि रात के समय बारिश होने से दानों का पूरी तरह पकना रुक सकता है, क्योंकि दाने विकसित होने के लिए आम तौर पर ओस की जरूरत होती है। इन परेशानियों से पहले अगस्त का महीना भी काफी मुश्किल भरा रहा था, जब शंभूगंज के किसानों को पानी की भारी कमी, बिजली कटौती और नहर से सिंचाई न मिलने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ा था। इन सब कारणों से धान की रोपाई तय योजना के सिर्फ 30 प्रतिशत हिस्से तक ही सीमित रह गई थी।

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