भागलपुर में शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने 26 अक्टूबर 2026 को पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने और संविदा तथा आउटसोर्सिंग प्रथा को पूरी तरह खत्म करने की मांग को लेकर एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन में एक दर्जन से अधिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोपगुट), रेलवे लोको पायलट, गुड्स गार्ड और विभिन्न शिक्षक संघ जैसे बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ और 34540 शिक्षक संघ शामिल थे। इस कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इससे पहले 9 अगस्त 2026 को 'एनपीएस-यूपीएस भारत छोड़ो आंदोलन' हुआ था, जिसमें लगभग 1,000 कर्मचारियों ने भाग लिया था।
कर्मचारियों की नौ सूत्री मांगों को मनवाने के लिए तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) और उसके से जुड़े कॉलेजों के कर्मचारियों ने
28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चार दिवसीय हड़ताल तय की है। इस हड़ताल से मार्कशीट जारी करने, रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेट सेवाओं जैसे जरूरी शैक्षणिक काम प्रभावित होने वाले हैं। पुरानी पेंशन योजना की बहाली के अलावा अन्य मांगों में नौकरी की सुरक्षा, नियमित वेतन भुगतान, तीसरे और चौथे वर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नति, एलडीसी से यूडीसी पदोन्नति, एसीपी-एमएसीपी लाभ लागू करना और लंबित एरियर का निपटान शामिल है। संभावित अशांति को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने औपचारिक रूप से पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
भागलपुर शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (स्थापना) के 21 अक्टूबर 2026 के एक निर्देश के बाद तनाव और बढ़ गया है। इस आदेश में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और स्कूल निरीक्षकों को दो दिनों के भीतर सितंबर महीने की उपस्थिति रिपोर्ट जमा करने को कहा गया था और अक्टूबर महीने के अटेंडेंस रिकॉर्ड के लिए 26 अक्टूबर की समयसीमा तय की गई थी। साथ ही आदेश न मानने पर वेतन रोकने की चेतावनी दी गई थी। हालांकि यूनियन नेताओं ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की इच्छा जताई है, लेकिन उन्होंने अपनी मांगें पूरी न होने पर बड़े पैमाने पर काम का बहिष्कार करने की आधिकारिक चेतावनी दी है।