गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी (TMBU) का कामकाज ठप हो गया है। 9 सितंबर 2026 तक यूनिवर्सिटी परिसर पूरी तरह डूब गया है, जिससे छात्र और कर्मचारी नावों का उपयोग करने को मजबूर हैं।
9 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार भागलपुर में गंगा नदी का जलस्तर 34.60 मीटर दर्ज किया गया।
यह स्तर खतरे के निशान 33.68 मीटर से 92 सेंटीमीटर ऊपर है और उच्चतम बाढ़ स्तर 34.86 मीटर से केवल 26 सेंटीमीटर नीचे है। इस आपदा से बिहार के 14 जिले प्रभावित हुए हैं और 40 लाख से अधिक लोगों की आबादी पर असर पड़ा है।
प्रशासनिक भवन और परीक्षा हॉल की निचली मंजिलों में पानी भर गया है।
7 सितंबर 2026 को स्थिति तेजी से बिगड़ी जब नदी का स्तर 34.46 मीटर तक पहुंच गया। 8 सितंबर तक प्रशासनिक भवन और सीनेट हॉल में 2 से 3 फीट पानी भर गया था, जिससे अधिकारियों और कर्मचारियों को काम करने के लिए नावों की जरूरत पड़ी।