भागलपुर: बाढ़ के बाद मवेशियों को हरा चारा खिलाने से पहले डॉक्टर की चेतावनी

MyBhagalpur Team20 October 20261 min read0 viewsDevelopment and good news
भागलपुर: बाढ़ के बाद मवेशियों को हरा चारा खिलाने से पहले डॉक्टर की चेतावनी

भागलपुर और आसपास के इलाकों में लंबी बाढ़ के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। इस आपदा से मवेशियों पर बहुत बुरा असर पड़ा है क्योंकि चरने की जमीन, चारा और वनस्पतियां पानी में डूब गईं, नष्ट हो गईं या कीचड़ और गाद में दब गईं। बाढ़ के बाद उगी ताजा हरी घास को मवेशियों को खिलाने को लेकर भागलपुर के पशु चिकित्सक डॉ. शुभम कुमार ने चेतावनी जारी की है। डॉ. कुमार के अनुसार, बाढ़ के बाद उगने वाली यह घास जानवरों के लिए खतरनाक है क्योंकि इसमें बैक्टीरिया होते हैं जो गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं।

पशु चिकित्सक की चेतावनी

डॉ. शुभम कुमार ने बताया कि इस चारे के खाने से डायरिया सबसे आम और ठीक करने में मुश्किल होने वाली समस्या है। उन्होंने पशु पालकों को सलाह दी है कि इन जोखिमों को कम करने के लिए बाढ़ का पानी उतरते ही अपने जानवरों को पेट के कीड़े मारने की दवा दें। दूषित हरा चारा खाने से डायरिया और थनैला रोग जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

कृषि विशेषज्ञों की सलाह

कृषि विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि पशु पालक हरा चारा देना चाहते हैं, तो उन्हें सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसे अपने घरों के अंदर या पास में खुद उगाना चाहिए। वर्तमान में, बाढ़ के कारण कई जानवर सीमित सूखे भूसे पर निर्भर हैं या भूखमरी का सामना कर रहे हैं, जिससे वे बहुत कमजोर हो गए हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि साफ, घर पर उगाया गया हरा चारा देने से जानवरों की ताकत वापस लाने और दूध के उत्पादन की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।

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