सोमवार को भागलपुर जिले में मौसम पूरी तरह साफ रहा। आसमान में हल्के बादल छाए रहे और बारिश बिल्कुल नहीं हुई। पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद धूप निकलने से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- मौसम साफ रहने के बाद भी भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है।
- गंगा नदी खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है जिससे बाढ़ का संकट गहराया है।
- 178 गांव और 347 वार्ड प्रभावित हुए हैं और राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
शुरुआती आकलन में 9 सितंबर तक मौसम शुष्क रहने की संभावना थी, लेकिन IMD ने अब 8 और 9 सितंबर को छिटपुट आंधी-तूफान के साथ 50 से 55 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद 10 से 12 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश और वज्रपात (बिजली गिरने) का अलर्ट जारी किया गया है।
जिला हाई अलर्ट पर है क्योंकि
गंगा नदी की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। यह वर्तमान में 34.46 मीटर पर बह रही है, जो 33.68 मीटर के खतरे के निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर है। देर रात से पहले के 24 घंटों में जलस्तर 13 सेंटीमीटर बढ़ गया है, जो 34.86 मीटर के रिकॉर्ड बाढ़ स्तर के करीब पहुंच रहा है। इस बाढ़ के कारण
178 गांव और 347 वार्ड प्रभावित हुए हैं, जिससे लगभग 21,781 लोग प्रभावित हुए हैं। दीपनगर महादलित बस्ती जैसे शहरी इलाकों में भी पानी रिहायशी क्षेत्रों में घुस गया है।
जिला मजिस्ट्रेट अलंकारिता पांडे ने पुष्टि की है कि व्यापक राहत अभियान चलाए जा रहे हैं। लोगों की मदद के लिए
71 नावें और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की पांच टीमें लगाई गई हैं। वर्तमान में
15 सामुदायिक रसोई और सात राहत शिविर 100,000 से अधिक लोगों को भोजन करा रहे हैं। इसके साथ ही, अधिकारी 9,343 पंजीकृत मवेशियों और स्थानीय तटबंधों की मजबूती पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।