भागलपुर में रबी सीजन के लिए 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती का बड़ा प्लान

MyBhagalpur Team17 October 20262 min read0 viewsDevelopment and good news
भागलपुर में रबी सीजन के लिए 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं की खेती का बड़ा प्लान

भागलपुर जिले में अधिकारियों द्वारा रबी 2026 सीजन की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस बार 60 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही दालों और तिलहनों की खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्य बातें

  • रबी 2026 सीजन के लिए गेहूं की खेती का लक्ष्य 60 हजार हेक्टेयर।
  • चना, मसूर और मटर जैसी दालों से आत्मनिर्भरता हासिल करने की योजना।
  • सरसों और तोरी जैसे तिलहनों की खेती पर भी जोर।
  • गेहूं और अन्य फसलों की बुआई 15 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच तय।
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बुआई और बाढ़ का प्रभाव

जिला कृषि अधिकारी प्रेमशंकर प्रसाद ने बताया कि गेहूं और अन्य फसल की बुआई 15 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच तय की गई है। अक्टूबर में बाढ़ का पानी उतरने के बाद किसान खेतों के पूरी तरह सूखने का इंतजार कर रहे हैं, हालांकि ऊंचे इलाकों वाले खेतों की बुआई को प्राथमिकता दी जाएगी।

प्रशिक्षण और अभियान

कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। 23 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक सभी प्रखंड कृषि कार्यालयों में प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण और संसाधन वितरण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा, 22 अक्टूबर से जिले की सभी पंचायतों में 'रबी कृषि जन कल्याण चौपाल-कम-खेत बचाओ' अभियान शुरू होगा। इस कार्यक्रम के तहत एक चौथाई जमीन पर जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा और गेहूं, चना, मसूर तथा हरी मटर के बीज बांटे जाएंगे।

खेती के प्रमुख क्षेत्र

जिले में गेहूं का उत्पादन मुख्य रूप से गंगा और कोसी नदियों के किनारे बाढ़ का पानी उतरने के बाद बची जमीन पर होता है, खासकर दियारा क्षेत्र में। नौगछिया उपमंडल के सभी प्रखंडों के साथ-साथ कहलगांव और भागलपुर उपमंडल के बड़े हिस्सों में भी बुआई होगी। गंगा के उत्तरी तट पर स्थित नौगछिया उपमंडल रबी फसलों के लिए एक प्रमुख क्षेत्र है, जबकि कहलगांव और भागलपुर के दक्षिणी इलाकों में धान जैसी खरीफ फसलों पर ध्यान दिया जाता है। दक्षिणी इलाकों में धान की कटाई नवंबर के मध्य में शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद दिसंबर तक गेहूं की बुआई की जाएगी।

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