बिहार सरकार का बड़ा फैसला: युवा वकीलों को अब हर महीने मिलेंगे 5000 रुपये

बिहार सरकार ने युवा अधिवक्ताओं के लिए 5000 रुपये मासिक स्टाइपेंड की घोषणा की है। पात्रता और आवेदन की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Hariom Mishra5 November 20262 min read0 viewsBihar
बिहार सरकार का बड़ा फैसला: युवा वकीलों को अब हर महीने मिलेंगे 5000 रुपये

बिहार के युवा अधिवक्ताओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने नए पंजीकृत वकीलों की आर्थिक मदद के लिए एक विशेष योजना शुरू की है, जिसके तहत योग्य अधिवक्ताओं को अब 5,000 रुपये का मासिक स्टाइपेंड (मानदेय) दिया जाएगा। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने 30 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी है, ताकि पात्र युवाओं को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके।

बिहार एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह लाभ उन अधिवक्ताओं को मिलेगा जिन्होंने 1 जनवरी 2024 या उसके बाद बिहार बार काउंसिल में अपना पंजीकरण कराया है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु 22 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। खास बात यह है कि यह आर्थिक सहायता तब तक जारी रहेगी जब तक वकील की उम्र 32 वर्ष पूरी नहीं हो जाती।

आवेदन की समय सीमा और जरूरी शर्तें

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इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय की गई है। जिला बार एसोसिएशन (DBA) भागलपुर के उपाध्यक्ष और बिहार यंग एडवोकेट वेलफेयर कमेटी के पूर्व राज्य अध्यक्ष ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि हालांकि इस योजना की घोषणा पहले ही हो चुकी थी, लेकिन इसकी प्रक्रियात्मक रूपरेखा तैयार होना बाकी था। अब फंड जारी होने के साथ ही पात्रता मानदंड और आवेदन की समय सीमा स्पष्ट कर दी गई है।

तिवारी ने सभी योग्य अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपना आवेदन जमा कर दें, क्योंकि निर्धारित तिथि के बाद आवेदन न करने वालों को यह माना जाएगा कि उन्हें इस सहायता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इस योजना के तहत आयु सीमा को और बढ़ाने की मांग भी उठाई है।

पात्रता के लिए महत्वपूर्ण बिंदु:

  • ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) पास करना अनिवार्य है।
  • पंजीकरण की तारीख 1 जनवरी 2024 या उसके बाद की होनी चाहिए।
  • आयु सीमा 22 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

चूंकि बिहार में वर्तमान में AIBE पास करने वाले वकीलों के सत्यापन के लिए कोई केंद्रीकृत प्रणाली नहीं है, इसलिए ट्रस्टी कमेटी केवल उन्हीं आवेदकों के दस्तावेजों का सत्यापन करेगी जो स्टाइपेंड के लिए आवेदन करेंगे।

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